अमित शाह की अध्यक्षता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक आज भुवनेश्वर में, वामपंथी उग्रवाद और कोयला रॉयल्टी पर होगी चर्चा

Eastern Zonal Council की बैठक में वामपंथी उग्रवाद और कोयला रॉयल्टी पर होगी चर्चा

रांची/भुवनेश्वर : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की शुक्रवार को भुवनेश्वर में बैठक होगी. बैठक में कोयला रॉयल्टी में वृद्धि, रेलवे परियोजनाएं और वामपंथी उग्रवाद (LWE) जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. बैठक में झारखंड, बिहार, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री क्रमश: हेमंत सोरेन, नीतीश कुमार, नवीन पटनायक और ममता बनर्जी के शामिल होंगे. नवीन पटनायक पूर्वी क्षेत्रीय परिषद के उपाध्यक्ष हैं.

अधिकारियों ने कहा कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में लगभग चार दर्जन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जायेगा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही ओड़िशा पहुंच चुकी हैं. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने परिषद की बैठक और यहां जनता मैदान में संशोधित नागरिकता कानून पर गृह मंत्री की एक अन्य बैठक के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये हैं.

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसमें अंतरराज्यीय जल मुद्दे, बिजली पारेषण लाइनें, कोयले पर रॉयल्टी, कोयला खदानों के संचालन, रेल परियोजनाओं के लिए भूमि और वन मंजूरी, देश की सीमाओं के पार पशु तस्करी, जघन्य अपराधों जैसे मुद्दों पर चर्चा की जायेगी.

उन्होंने बताया, ‘ओड़िशा विभिन्न राज्यों में एकीकृत बिजली दरों के लिए डाक टिकट पद्धति को अपनाने, रेल परियोजनाओं, खदानों के संचालन, वित्तीय समावेशन, 14वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों को अनुदान, पंचायती निकायों को शक्ति प्रदान करने से संबंधित मुद्दों को उठायेगा.’

अधिकारी ने कहा कि राज्य कोयला रॉयल्टी, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, दूरसंचार और इंटरनेट कनेक्टिविटी, आधार डेटाबेस का उपयोग, केंद्रीय अनुदान समय पर जारी करने के मुद्दे भी उठायेगा. उन्होंने कहा कि चूंकि सभी चार पूर्वी राज्य ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड कोयला भंडार वाले क्षेत्र हैं, इसलिए सभी के संबंधित मुख्यमंत्री निश्चित रूप से इस मुद्दे को उठायेंगे. केंद्र ने कोयला रॉयल्टी में बढ़ोतरी में तीन साल की देरी की है.

ओड़िशा के मुख्यमंत्री ने पहले ही केंद्र को कई पत्र लिखे हैं, जिसमें कोयला रॉयल्टी में बढ़ोतरी और राज्यों के लिए हरित उपकरों में राज्यों की हिस्सेदारी की मांग की गयी है. मुख्य सचिव एके त्रिपाठी ने संवाददाताओं को बताया, ‘हम कोयला रॉयल्टी में वृद्धि और ओड़िशा के दूर-दराज के 11,000 गांवों में मोबाइल फोन कनेक्टिविटी से संबंधित मुद्दों को उठायेंगे.’

प्रत्येक राज्य के मुख्यमंत्री के साथ परिषद के सदस्य के तौर पर दो कैबिनेट मंत्री और मुख्य सचिव तथा राज्यों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी होंगे. अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार के सचिव, अतिरिक्त सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे. पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की पिछली बैठक अक्टूबर, 2018 में कोलकाता में हुई थी.

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By Mithilesh Jha

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