DUSU Election: कैंपस में सुरक्षा, हॉस्टल की कमी जैसे मुद्दे होंगे अहम

छात्र संगठनों की ओर से डूसू चुनाव के लिए चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत हो गयी है. एबीवीपी ने चुनाव के लिए 'माई डीयू, माई मेनिफेस्टो' अभियान का आगाज किया है. इस अभियान के तहत छात्रों से सुझाव मांगे जायेंगे और अहम सुझावों को मेनिफेस्टो में शामिल किया जायेगा.

DUSU Election: दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) में अगले महीने होने वाले छात्रसंघ चुनाव(डूसू) को लेकर छात्र संगठनों की ओर से तैयारी तेज हो गयी है. डूसू चुनाव को लेकर नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. लेकिन नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों के लिए एक लाख का बांड भरने की शर्त को लेकर संघ से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी), कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई) और वाम समर्थित छात्र संगठन आइसा और एसएफआई विरोध कर रहे हैं. हालांकि विरोध के बावजूद छात्र संगठनों की ओर से डूसू चुनाव के लिए चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत हो गयी है. एबीवीपी ने चुनाव के लिए ‘माई डीयू, माई मेनिफेस्टो’ अभियान का आगाज किया है.

इस अभियान के तहत छात्रों से सुझाव मांगे जायेंगे और अहम सुझावों को मेनिफेस्टो में शामिल किया जायेगा. बुधवार को एबीवीपी की ओर से आयोजित स्टूडेंट डॉयलॉग प्रोग्राम में हजारों छात्र शामिल हुए. इस दौरान केंद्रीकृत हॉस्टल आवंटन प्रक्रिया को लागू करने, छात्रों की शिकायतों को दूर करने के लिए आंतरिक शिकायत कमेटी का गठन करने, फीस वृद्धि को वापस लेने जैसे मुद्दों पर विचार किया गया. छात्रों की अहम मांगों को एबीवीपी मेनिफेस्टो में शामिल करेगी. 


वाम छात्र संगठन मिलकर लड़ेंगे चुनाव

डूसू चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए एक लाख का बांड भरने के खिलाफ छात्र संगठन विरोध कर रहे हैं. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन (आइसा) ने दिल्ली हाई कोर्ट डीयू प्रशासन के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की है. इस याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है. इस बार वाम छात्र संगठनों ने मिलकर डूसू चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. वैसे डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच होता रहा है. 

पिछले कुछ साल से डूसू चुनाव में एबीवीपी का दबदबा रहा है. हालांकि पिछली बार एनएसयूआई ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष और महासचिव के पद पर कब्जा किया था. एक बार फिर दोनों छात्र संगठनों के बीच ही मुकाबला होने की संभावना है. एनएसयूआई की ओर से कहा गया कि छात्रों से चर्चा के बाद मेनिफेस्टो को जारी किया गया है. एनएसयूआई की ओर से डीयू में हॉस्टल की कमी, उत्तरी कैंपस में सुरक्षा के लिए और अधिक पुलिस बूथ बनाने, फीस में मनमानी वृद्धि पर रोक लगाने और छात्रों को मेट्रो में सफर के लिए रियायत देने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने का फैसला लिया है. डूसू का चुनाव 18 सितंबर को होगा और मतगणना अगले दिन होगी.

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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