प्रदर्शन कर रहे युवकों की पहचान अहमदाबाद के रहने वाले मनीष ब्रह्मभट्ट और राहुल पांड्या के रूप में हुई है. दोनों युवक वालुज एमआईडीसी स्थित अभिजीत दीपके के आवास पर पहुंचे थे, जहां CJP की कोर टीम आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक कर रही थी.
'एक और केजरीवाल नहीं चाहिए'
आप (AAP) संयोजक अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए ब्रह्मभट्ट ने कहा, "हमें देश में एक और केजरीवाल नहीं चाहिए. मैं अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ रहा हूं." उनका इशारा 2011 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के बाद उपजे राजनीतिक घटनाक्रम की ओर था.
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"आंदोलन पूरे देश का, रिश्तेदार तय नहीं कर सकते रणनीति"
भूख हड़ताल पर बैठे मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि आंदोलन में रात-दिन एक करने वाले स्वयंसेवकों को दरकिनार किया जा रहा है. ब्रह्मभट्ट ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जब आंदोलन शुरू हुआ था, तब इसका कोई एक चेहरा नहीं था. मैंने और देश भर के कई युवाओं ने जंतर-मंतर पर अपना योगदान दिया. मैं यहां कोर टीम से मिलने और सुझाव देने आया था, लेकिन मुझे बैठक में शामिल होना तो दूर, मिलने तक नहीं दिया गया." उन्होंने कहा कि संगठन में आंतरिक लोकतंत्र होना चाहिए. दीपके के कुछ रिश्तेदार और करीबी दोस्त बंद कमरे में बैठकर इस राष्ट्रीय आंदोलन का भविष्य तय नहीं कर सकते.
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