Dharmendra Pradhan On Gen-Z पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जेनरेशन-Z को एक ऐसी शक्ति बताया जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. एक कार्यक्रम में हल्के-फुल्के अंदाज में अपने अनुभव साझा करते हुए प्रधान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी यही बात कही थी. उन्होंने बताया कि 15 से 25 वर्ष आयु वर्ग के करीब 20 करोड़ युवा अगर किसी मुद्दे पर दृढ़ संकल्प के साथ खड़े हो जाएं, तो उनकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता.
'युवाओं के संक्ल्प के आगे शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां बहुत छोटी'
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा था कि देश के युवाओं के दृढ़ संकल्प और आकांक्षाओं के सामने शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां छोटी पड़ जाती हैं. प्रधान ने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री से कहा था कि अगर 20 करोड़ युवा किसी बात को लेकर दृढ़ संकल्पित हैं, तो उनके संकल्प के आगे शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारियां नगण्य हैं."
जेन-Z की जिद्द की वजह हुई परेशानी
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेन-Z की जिद्द की वजह से कुछ तकलीफ भी उठानी पड़ी, लेकिन इस अनुभव ने उन्हें यह सिखाया कि नई पीढ़ी का विरोध करने के बजाय उसे समझना और उसके साथ संवाद करना ज्यादा जरूरी है.
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प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि देश का हित सर्वोपरि है. उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है कि हर दौर में युवाओं ने ही बदलाव का नेतृत्व किया है और देश के लिए बलिदान दिए हैं. आज जिसे हम जेन-Z कहते हैं, अपने-अपने समय में वही युवा परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के सबसे बड़े वाहक रहे हैं.
