धार भोजशाला विवाद : हिंदू कर रहे हैं सरस्वती पूजा, 3 बजे तक पढ़ी गई नमाज, सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

भोजशाला में बसंत पंचमी की पूजा (Photo: PTI)

Dhar Bhojshala Video : सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी को आदेश दिया कि बसंत पंचमी के दिन विवादित परिसर में हिंदू सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा कर सकेंगे. वहीं, मुसलमानों को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक नमाज पढ़ने की इजाजत होगी. भोजशाला-कमाल मौला परिसर का वीडियो सामने आया है जिसमें हिंदू पूजा करते दिख रहे हैं.

Dhar Bhojshala Video : मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर का वीडियो सामने आया है. इस वीडियो को न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बसंत पंचमी पर पूजा यहां हो रही है. इस बीच तय समय पर नमाज पढ़ी गई.

धार के विवादित परिसर में बसंत पंचमी की पूजा

बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को धार के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में पूजा हो रही है. सूर्योदय के बाद हिंदू समुदाय की पूजा-अर्चना शुरू हो गई. इस साल वसंत पंचमी शुक्रवार को है और इसी दिन जुम्मे की नमाज भी अदा की जाती है. किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए शहर में भारी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात किए गए हैं. ऐतिहासिक शहर धार के इस 11वीं सदी के विवादित परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था.

सरस्वती माता की तस्वीर रखकर कर पूजा शुरू की गई

स्थानीय संगठन ‘भोज उत्सव समिति’ के सदस्यों ने वैदिक मंत्रों के बीच वाग्देवी यानी सरस्वती की तस्वीर रखकर पूजा शुरू की. इसके बाद हवन कुंड में आहुति दी गई और अखंड पूजा की शुरुआत हुई. पूजा स्थल को फूलों की मालाओं और भगवा झंडों से सजाया गया था. इससे पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया.

यह भी पढ़ें : सरस्वती पूजा भी होगी और नमाज भी अदा की जाएगी, भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश

हर मंगलवार को हिंदू करते हैं पूजा

भोजशाला को लेकर दोनों समुदायों (हिंदू और मुस्लिम) की अलग-अलग मान्यताएं हैं. हिंदू समाज इसे वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर मानता है. वहीं मुस्लिम पक्ष इस 11वीं सदी की इमारत को कमाल मौला मस्जिद बताता है. यह विवादित परिसर एएसआई के संरक्षण (देखभाल करने का जिम्मा) में है. विवाद बढ़ने के बाद एएसआई ने 7 अप्रैल 2003 को आदेश जारी किया था. इसके तहत हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने और मुसलमानों को हर शुक्रवार नमाज पढ़ने की अनुमति (परमिशन) दी गई है.


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By Amitabh Kumar

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