Dera Sacha Sauda: पैरोल पर जेल से बाहर निकले राम रहीम ने हनीप्रीत का बदला नाम, गद्दी पर कह दी बड़ी बात

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने कहा, हमारी बेटी का नाम हनीप्रीत है. हर कोई उन्हें दीदी कहता है. इसलिए थोड़ी भ्रम की स्थिति बन जाती है. इसलिए उसका नाम रूहानी दीदी रखा है. इसका उच्चारण आसान करने के लिए 'रूह दी' किया है.

क्पैज्रोञल पर जेल से बाहर निकले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने हनीप्रीत का नाम बदल दिया है. उन्होंने घोषणा की कि अब हनीप्रीत रूहानी दीदी के नाम से जानी जाएगी. बता दें गुरमीत राम रहीम की मुंह बोली बेटी है हनीप्रीत.

हनीप्रीत से रूही दी

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने कहा, हमारी बेटी का नाम हनीप्रीत है. हर कोई उन्हें दीदी कहता है. इसलिए थोड़ी भ्रम की स्थिति बन जाती है. इसलिए उसका नाम रूहानी दीदी रखा है. इसका उच्चारण आसान करने के लिए ‘रूह दी’ किया है.

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पैरोल से बाहर आने के बाद ऑनलाइन प्रवचन कर रहे गुरमीत राम रहीम

पैरोल पर बाहर आया डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पिछले कुछ दिनों से ऑनलाइन सत्संग कर रहा है. उसे दो शिष्यों के साथ बलात्कार करने का दोषी पाया गया. कोर्ट ने उसे 20 साल की सजा सुनायी. फिलहाल डेरा प्रमुख को 14 अक्टूबर को 40 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था. उसके बाद डेरा प्रमुख रोहतक की सुनारिया जेल से बरनावा आश्रम गया.

चुनाव और गुरमीत राम रहीम का पैरोल

राम रहीम के पैरोल पर बाहर रहने का समय एक बार फिर क्षेत्र में कुछ चुनावों की तारीखों से मेल खा रहा है. इस वर्ष यह ऐसा तीसरा उदाहरण है. हरियाणा में अगले महीने पंचायत चुनाव और आदमपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं. वह हरियाणा में 46 नगरपालिकाओं के चुनाव से पहले जून में एक महीने की पैरोल पर जेल से बाहर आया था. डेरा प्रमुख को पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब दो हफ्ते पहले सात फरवरी से तीन सप्ताह की छुट्टी दी गई थी. हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बड़ी संख्या में सिरसा डेरा के अनुयायी हैं.

गुरमीत राम रहीम सिंह ने संभावित उत्तराधिकारी के बारे में अटकलों को किया खारिज

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि सिरसा मुख्यालय वाले पंथ के प्रमुख के लिए उसके संभावित उत्तराधिकारी के रूप में कोई उभरेगा. राम रहीम ने कहा कि यह केवल मीडिया की अटकलें हैं. डेरा प्रमुख ने कहा कि वह इस पंथ का प्रमुख है और रहेगा, जिसके हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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