Delhi Pollution: ‘पिछले साल AQI 500-1000 था’, दिल्ली प्रदूषण पर AAP ने बोला हमला तो मंत्री सिरसा ने किया पलटवार

Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर राजनीति तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी लगातार बीजेपी सरकार पर हमला कर रही है. इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने जोरदार पलटवार किया है.

Delhi Pollution: दिल्ली वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार से नीतियां बनाने की मांग को लेकर रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन पर, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “आम आदमी पार्टी इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर रही है. लेकिन ये वही लोग हैं जो यहां 10 साल का प्रदूषण देकर गए हैं. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि ये प्रदूषण किसने दिया? क्या ये अपने आप हुआ? नहीं. आप ने 10 सालों में सब कुछ तबाह कर दिया. पिछले साल AQI 500-1000 था. उन्होंने हमें 10 साल की बीमारी दी. AQI हर साल बढ़ता रहा. लेकिन रेखा गुप्ता की सरकार आने के बाद, हम महीने दर महीने चीजों को साफ करने में सफल रहे हैं.”

10 साल की बीमारी 6-7 महीनों में ठीक नहीं हो सकती: सिरसा

हम कूड़े के ढेर हटा रहे हैं, दिल्ली की सभी ऊंची इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन लगा रहे हैं, दिल्ली में धूल कम कर रहे हैं, इलेक्ट्रिक बसें लाई जा रही हैं. इसलिए, 10 साल की बीमारी 6-7 महीनों में ठीक नहीं हो सकती. हम दिल्ली की हवा में आप द्वारा छोड़े गए जहर को कम करने के लिए काम कर रहे हैं.”

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ अभिभावकों, कार्यकर्ताओं ने इंडिया गेट पर किया था प्रदर्शन

दिल्ली में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के खिलाफ रविवार को अभिभावकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया. जिसमें कई महिलाएं और उनके बच्चे शामिल थे. उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की.

दिल्ली में AQI 400 के पार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 345 दर्ज किया गया. जबकि ‘समीर’ एप के मुताबिक बवाना में एक्यूआई 411 दर्ज किया गया जोकि बहुत गंभीर श्रेणी में आता है. वहीं वजीरपुर में एक्यूआई 397 दर्ज किया गया.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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