Delhi Missing People 2026 : गुमशुदा के मामलों को लेकर दिल्ली पुलिस का बयान सामने आया है. एक्स पर पुलिस ने शुक्रवार को लिखा कि कुछ सुरागों की हमने जांच की. हमने पाया कि दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर जो हंगामा हो रहा है, उसे पैसे देकर प्रमोट (Paid Promotion) किया जा रहा है. पैसे के लालच में डर फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हम ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जनवरी के पहले 15 दिन में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 800 से अधिक लोगों के लापता होने को लेकर बयान दिया था. आंकड़े सार्वजनिक होने के कुछ दिनों बाद गुरुवार को पुलिस ने लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की. पुलिस ने कहा कि घबराहट या भय का कोई कारण नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये आंकड़े वास्तव में पिछले वर्षों की इसी अवधि की तुलना में गिरावट को दर्शाते हैं.
प्रतिदिन औसतन 54 लोग लापता हुए
न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा प्राप्त दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार एक से 15 जनवरी के बीच कुल 807 लोग लापता हुए. इसका मतलब है कि प्रतिदिन औसतन 54 लोग लापता हुए. इनमें से 509 महिलाएं और लड़कियां और 298 पुरुष थे. लापता लोगों में से 191 नाबालिग और 616 वयस्क थे.
लापता लोगों से संबंधित सभी शिकायतों को तुरंत दर्ज किया जाता है
5 जनवरी को पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में पिछले वर्षों की इसी अवधि की तुलना में लापता व्यक्तियों की संख्या में कमी देखी गई. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में महीने के लिए सटीक कुल संख्या साझा नहीं की. पुलिस ने दावा किया कि वह पारदर्शी और निष्पक्ष अपराध रिपोर्टिंग नीति का पालन करती है. लापता लोगों से संबंधित सभी शिकायतों को तुरंत दर्ज किया जाता है और उनकी जांच की जाती है.
बच्चों से जुड़े मामलों को दी जाती है सर्वोच्च प्राथमिकता
अधिकारी ने कहा कि गुमशुदगी की प्राथमिकी न केवल स्थानीय पुलिस थाना में बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (112) के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है. बयान में कहा गया कि गुमशुदगी के सभी मामलों में एसओपी का सख्ती से पालन किया जाता है. गुमशुदा व्यक्ति का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए जाते हैं, और बच्चों से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है.
