Delhi Election 2025: यमुना नदी के जहरीले पानी पर केजरीवाल के दावे की हो उच्च-स्तरीय जांच

कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने भी कहा कि अरविंद केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं और यह बयान देशद्रोह की श्रेणी में आता है. माकन ने कहा कि यमुना के बारे में केजरीवाल और हरियाणा सरकार के बयान की जांच होनी चाहिए. अगर केजरीवाल का यह बयान सही है कि हरियाणा सरकार यमुना के पानी में जहर डाल रही है तो इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए.

Delhi Election 2025: दिल्ली में विधानसभा चुनाव के बीच यमुना में अमोनिया के बढ़े स्तर को लेकर राजनीति हो गयी है. आम आदमी पार्टी यमुना में अमोनिया के बढ़े स्तर को साजिश करार दे रही है तो वहीं भाजपा और कांग्रेस का आरोप है कि केजरीवाल अब निचले स्तर की राजनीति कर रहे हैं. इस मामले में कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने भी कहा कि अरविंद केजरीवाल झूठ बोल रहे हैं और यह बयान देशद्रोह की श्रेणी में आता है. माकन ने कहा कि यमुना के बारे में केजरीवाल और हरियाणा सरकार के बयान की जांच होनी चाहिए. अगर केजरीवाल का यह बयान सही है कि हरियाणा सरकार यमुना के पानी में जहर डाल रही है तो इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए.

लेकिन केजरीवाल का बयान गलत है तो यह देशद्रोही है और इसकी जांच की जानी चाहिए. पानी को लेकर अफवाह फैलाने के मामले में केजरीवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. गौरतलब है कि यमुना के पानी में अमोनिया के बढ़े स्तर को लेकर आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी. आम आदमी पार्टी का आरोप है कि चुनाव को देखते हुए दिल्ली में पानी का संकट पैदा करने के लिए हरियाणा सरकार साजिश रच रही है. भाजपा के इशारे पर यमुना में प्रदूषित पानी छोड़ा जा रहा है. 


कांग्रेस ही आप का कर सकती है मुकाबला

दिल्ली के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बजाय आम आदमी पार्टी को इंडिया गठबंधन के सहयोगियों के समर्थन पर माकन ने कहा कि केजरीवाल का मुकाबला सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है. उन्होंने कहा कि दिल्ली का असल विकास कांग्रेस के शासनकाल में हुआ. केजरीवाल ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ भ्रामक अभियान चलाकर दिल्ली की सत्ता हासिल की, लेकिन पिछले 11 साल से दिल्ली में कोई विकास नहीं हुआ है. केजरीवाल सिर्फ झूठ और भ्रम की राजनीति कर दिल्ली के लोगों को गुमराह करने का काम करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सरकार ने लाडली योजना शुरू कर कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए उपाय किया था. इस योजना के तहत नवजात बालिका के परिवार को 10000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान था.

साथ ही पहली कक्षा में प्रवेश के समय लड़की के परिवार को 5000 रुपये दिए गए और जब भी बालिका छठी, नौवीं, 10वीं और 12वीं कक्षा में प्रवेश करती है, तो हर बार समान राशि दी जाती थी और 18 वर्ष की होने पर बालिका को 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया. शीला दीक्षित द्वारा लड़कियों के लिए शुरू की गई सभी योजनाओं की हालत आप सरकार के कार्यकाल में खराब हो गयी. अब केजरीवाल को लड़कियों के हित की चिंता हो रही है. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >