Delhi Election 2025: कांग्रेस का प्रदर्शन लोकसभा जैसा रहा तो आप की बढ़ेगी मुश्किल

कांग्रेस की कोशिश इस चुनाव में बीते तीन लोकसभा चुनाव जैसा प्रदर्शन करने की है. अगर ऐसा होता है तो आम आदमी पार्टी की सरकार में वापसी मुश्किल होगी क्योंकि पिछले तीन विधानसभा चुनाव में आप की जीत की वजह कांग्रेस के मत प्रतिशत में आयी कमी रही है.

Delhi Election 2025: दिल्ली में हो रहे विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हो पाया. इंडिया के सहयोगी दलों सपा, तृणमूल कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस का समर्थन आम आदमी पार्टी को मिला है. इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के समर्थन के बावजूद कांग्रेस दिल्ली का चुनाव पूरे दमखम से लड़ रही है. दिल्ली में पुराने वोट बैंक को हासिल करने के लिए कांग्रेस पूरी शिद्दत से चुनाव मैदान में डटी हुई है. इस बार कांग्रेस की ओर से दिग्गज चेहरे संदीप दीक्षित, अलका लांबा, रागिनी नायक और देवेंद्र यादव चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस की कोशिश आम आदमी पार्टी सरकार की नाकामियों को सामने लाकर खुद की स्थिति मजबूत करने की है.

कांग्रेस की नजर शीला दीक्षित शासनकाल के दौरान वोट बैंक को एक बार फिर साथ जोड़ने की है. कांग्रेस की कोशिश इस चुनाव में बीते तीन लोकसभा चुनाव जैसा प्रदर्शन करने की है. अगर ऐसा होता है तो आम आदमी पार्टी की सरकार में वापसी मुश्किल होगी क्योंकि पिछले तीन विधानसभा चुनाव में आप की जीत की वजह कांग्रेस के मत प्रतिशत में आयी कमी रही है. वैसे कांग्रेस के लिए अपना पुराना वोट बैंक हासिल करना आसान नहीं है क्योंकि आम आदमी पार्टी के मुफ्त बिजली, पानी और बस यात्रा जैसी सुविधाओं के कारण गरीब तबकों का समर्थन आम आदमी पार्टी की ओर बढ़ा है.  

लोकसभा जैसा प्रदर्शन रहा तो आप की बढ़ जायेगी मुश्किल


लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर गौर नजर डालें तो अगर कांग्रेस विधानसभा चुनाव में ही ऐसा प्रदर्शन दोहरा सकी तो आम आदमी पार्टी के लिए तीसरी बार सत्ता पर काबिल होना मुश्किल हो जायेगा. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव गठबंधन के तहत लड़ा. हालांकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और आप गठबंधन एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पायी. गठबंधन के बावजूद भाजपा को 54.35 फीसदी वोट हासिल हुए. अगर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव नतीजों को देखें तो इस चुनाव में भी भाजपा, कांग्रेस और आप के बीच मुकाबला हुआ और भाजपा दिल्ली की सभी सात सीटें जीतने में कामयाब रही.

भाजपा को जहां 56.85 फीसद वोट मिले थे. वहीं, कांग्रेस 22.63 और आप को 18.2 फीसदी वोट मिले. इस चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत आप से अधिक रहा.  इसी मत प्रतिशत को कांग्रेस उम्मीद के तौर पर देख रही है. कांग्रेस का मानना है कि इस बार दिल्ली में कांग्रेस भले पुराना रुतबा हासिल नहीं कर पाए, लेकिन आने वाले समय के लिए अपना आधार मजबूत करने का रास्ता तैयार कर सकती है.  

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Author: Vinay Tiwari

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