Delhi Coaching Death : हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी-आप मुफ्तखोरी को बढ़ावा दे रहे, शुक्रवार तक नालों पर से अतिक्रमण हटाएं

Delhi Coaching Death : कोर्ट ने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की जरूरत है, लेकिन एमसीडी दिवालिया हो गया है और अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहा है.

Delhi Coaching Death : दिल्ली के कोचिंग सेंटर में तीन स्टूडेंट की मौत मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और नगर निगम के अधिकारियों को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की कि आप बहुमंजिला इमारतों को मंजूरी दे रहे हैं, लेकिन ढंग के नाले नहीं बन रहे हैं, जिसकी वजह से तीन स्टूडेंट को अपनी जान गंवानी पड़ी.

कर वसूलने की बजाय सौगात बांट रहे

दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आप मुफ्तखोरी की संस्कृति को बढ़ा रहे हैं, आप कर नहीं वसूलना चाहते और मुफ्त की सौगातें बांट रहे हैं, इसलिए ऐसा तो होना ही है. कोर्ट ने अधिकारियों पर तंज कसते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का निर्माण करने की जरूरत है, लेकिन एमसीडी दिवालिया हो गया है और अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहा है. हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस अजीब जांच कर रही है. कार चालक के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, लेकिन एमसीडी अधिकारियों के खिलाफ कोई जांच नहीं हो रही है. हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणियों से जैसे संकेत दिए हैं संभवत: कोचिंग सेंटर में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की मौत मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है.

Also Read : US Presidential Election 2024 : कैसे होता है अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव? जानें पूरी चुनावी प्रक्रिया

Budget 2024 : अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज और हरिश्वर दयाल ने बजट पर दिया बड़ा बयान, रोजगार सृजन के प्रयासों की तारीफ की, इस बात पर निंदा

बिहार की युवती की भी हुई मौत

हाईकोर्ट ने एमसीडी आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और जांच अधिकारी को शुक्रवार को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है साथ ही अधिकारियों को यह आदेश भी दिया है कि वे राजेंद्र नगर इलाके में सभी नालों के ऊपर किए गए सभी अवैध निर्माण को शुक्रवार तक हटावा दें. 27 जुलाई को दिल्ली में हुई भारी बारिश के बाद राज��ंद्र नगर इलाके में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे तीन स्टूडेंट की मौत बेसमेंट में पानी भर जाने की वजह से हुई थी. इन तीन अभ्यर्थियों में से एक बिहार की युवती थी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >