Delhi Air Pollution: दिल्ली में AQI 400 के पार, पराली जलाने के मामले बढ़ने से स्थिति और खराब

Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार खराब होता जा रहा है. प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच चुका है. दूसरी ओर पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

Delhi Air Pollution: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह नौ बजे 369 दर्ज किया गया, जो शनिवार को दर्ज किए गए एक्यूआई 290 से काफी अधिक है. 38 निगरानी केंद्रों में से आठ केंद्र आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी, पंजाबी बाग, नेहरू मार्ग, मुंडका, जहांगीरपुरी और अशोक विहार में एक्यूआई 400 से अधिक रहा.

पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं चार हजार के पार हुई

दिल्ली में प्रदूषण स्तर लगातार खराब होने के बावजूद पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं. रविवार को पंजाब में पराली जलाने के 216 नये मामले सामने आये. इसके साथ ही पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं की संख्या 4000 से अधिक हो गई.

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पराली जलाने के मामले ऐसे बढ़े

‘पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर’ के आंकड़ों के अनुसार, 15 सितंबर से तीन नवंबर तक पंजाब में पराली जलाने की कुल 4132 घटनाएं देखी गईं. राज्य में पिछले पांच दिन में पराली जलाने की 1779 घटनाएं सामने आईं. आंकड़ों के अनुसार पंजाब में 29 अक्टूबर को 21930 अक्टूबर को 11031 अक्टूबर को 484 एक नवंबर को 587 और दो नवंबर को 379 ऐसी घटनाएं हुईं. रविवार को सामने आए 216 नए मामलों में से संगरूर में पराली जलाने की 59 घटनाएं हुईं, जो राज्य में सबसे अधिक हैं. अन्य जिलों में फिरोजपुर में पराली जलाने की 26 घटनाएं, मोगा और मानसा में 19-19 घटनाएं तथा तरनतारन में 18 घटनाएं दर्ज की गईं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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