पुणे में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 56 वर्षीय एक कारोबारी से 1.07 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का डीपफेक वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर विज्ञापन के रूप में चलाया. वीडियो में फॉरेक्स ट्रेडिंग से मोटा मुनाफा कमाने का दावा किया गया था. कारोबारी ने वीडियो पर भरोसा कर लिंक पर क्लिक किया और यहीं से साइबर जाल की शुरुआत हो गई.
इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुआ पूरा खेल
पुलिस FIR के मुताबिक, जून के पहले सप्ताह में कारोबारी इंस्टाग्राम देख रहे थे. तभी उन्हें एक विज्ञापन दिखाई दिया, जिसमें कथित तौर पर निर्मला सीतारमण निवेश और फॉरेक्स ट्रेडिंग की जानकारी देती नजर आ रही थीं. विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद एक व्यक्ति ने खुद को निवेश कंपनी का अधिकारी बताते हुए संपर्क किया और बड़े मुनाफे का लालच दिया. इतना ही नहीं, उसने दावा किया कि इस निवेश से देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा.
जब कारोबारी ने अपनी कथित कमाई निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए. कुछ समय बाद उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया. तब पीड़ित को एहसास हुआ कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है. इसके बाद उसने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुणे साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
आधार, बैंक डिटेल और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म
जालसाजों ने पीड़ित से आधार कार्ड, बैंक से जुड़े दस्तावेज और कैंसिल चेक जैसी जानकारी मांगी। इसके बाद उसे एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक भेजा गया और 20,341 रुपये का पहला निवेश कराया गया। कुछ ही देर में यह रकम ऑनलाइन खाते में दिखाई देने लगी। भरोसा बढ़ाने के लिए ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते में 1,000 रुपये 'मुनाफे' के नाम पर भी भेज दिए, जिससे उसे लगा कि प्लेटफॉर्म पूरी तरह असली है।
SpaceX के प्री-आईपीओ शेयर का लालच
जब कारोबारी का भरोसा पूरी तरह जीत लिया गया, तब उसे एलन मस्क की कंपनी SpaceX के प्री-आईपीओ शेयर खरीदने का 'एक्सक्लूसिव मौका' दिया गया। ठगों ने दावा किया कि निवेश करने पर कुछ ही समय में कई गुना रिटर्न मिलेगा। 2 जून से 23 जुलाई के बीच कारोबारी ने 36 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए विभिन्न बैंक खातों में कुल 1.07 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। ऑनलाइन डैशबोर्ड पर उसकी रकम बढ़कर करीब 3.98 करोड़ रुपये दिखाई जाने लगी।
डीपफेक से सावधान रहने की सलाह
सोशल मीडिया पर दिखने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और 'गारंटीड रिटर्न' के दावों से हमेशा सतर्क रहें. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें और साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें.
ये भी पढ़ें: ‘70-80 साल के बुजुर्गों से Gen Z को क्या मिलेगा?’ RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम पर अभिजीत दीपके का तंज
