Cyrus Mistry: साइरस मिस्त्री के अंतिम संस्कार में शामिल हुईं टाटा की सौतेली मां, जानें क्या है रिश्ता

साइरस मिस्त्री के अंतिम संस्कार में रतन टाटा की सौतेली मां सिमोन टाटा भी शामिल हुईं. टाटा ग्रुप के साथ विवाद के बाद साइरस मिस्त्री के अंतिम संस्कार में सिमोन टाटा का शामिल होना चर्चा का विषय बन गया है. मालूम हो साइरस मिस्त्री, 2012 से 2016 तक टाटा संस के अध्यक्ष रहे.

टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री का मंगलवार को मुंबई में अंतिम संस्कार कर दिया गया. मध्य मुंबई के वर्ली में इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में हिन्दू रीति रिवाजों से उनका अंतिम संस्कार किया गया. मिस्त्री का पार्थिव शरीर सफेद फूलों से सजे वाहन में जे जे अस्पताल से लाया गया था और मंगलवार सुबह से वर्ली शवदाह गृह में रखा गया था ताकि मित्र और रिश्तेदार उनको श्रद्धांजलि दे सकें.

मिस्त्री के अंतिम संस्कार में शामिल हुईं टाटा की सौतेली मां

साइरस मिस्त्री के अंतिम संस्कार में रतन टाटा की सौतेली मां सिमोन टाटा भी शामिल हुईं. टाटा ग्रुप के साथ विवाद के बाद साइरस मिस्त्री के अंतिम संस्कार में सिमोन टाटा का शामिल होना चर्चा का विषय बन गया है. मालूम हो साइरस मिस्त्री, 2012 से 2016 तक टाटा संस के अध्यक्ष रहे. उन्हें टाटा संस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद टाटा ग्रुप और उनके बीच लंबी लड़ाई कोर्ट में चली.

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सिमोन टाटा का मिस्त्री परिवार से क्या है रिश्ता

साइरस मिस्त्री अपने पिता के छोटे बेटे थे. साइरस की दो बहनें हैं, जिनका नाम लैला और अल्लू है. अल्लू की शादी रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा से हुई थी. नोएल टाटा की मां हैं सिमोन टाटा.

सड़क हादसे में हुई साइरस मिस्त्री की मौत

मालूम हो साइरस मिस्त्री की रविवार को कार दुर्घटना में मौत हो गई थी. वह 54 वर्ष के थे. महाराष्ट्र के पालघर जिले में रविवार दोपहर को हुई सड़क दुर्घटना में मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की मौत हो गई थी. वे दोनों दक्षिण गुजरात स्थित उदवाडा से लौट रहे थे जो पारसी धर्म के लोगों के लिए सबसे पवित्र स्थल है.

साइरस मिस्त्री के अंतिम संस्कार में ये भी हुए शामिल

पारसी समुदाय के सदस्यों, व्यवसायियों और नेताओं ने मिस्त्री के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया. साइरस मिस्त्री के बड़े भाई शापूर मिस्त्री, श्वसुर और वरिष्ठ वकील इकबाल छागला, उद्योगपति अनिल अंबानी और अजित गुलाबचंद तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले इस मौके पर उपस्थित थीं.

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By Arbindkumar mishra

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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