बंगाल पर ‘बुधवार’ भारी, अम्फान चक्रवात के एक साल बाद यास से खतरा, राहत शिविर में 10 लाख लोग

Yaas Cyclone Latest Update: पश्चिम बंगाल में यास चक्रवात के खतरे को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार से लेकर एनडीआरएफ की टीम अलर्ट मोड में है. मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात यास 26 मई को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट से टकराएगा. इसी दिन (26 मई को) बुद्ध पूर्णिमा भी है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 25, 2021 2:37 PM

Yaas Cyclone Latest Update: पश्चिम बंगाल में यास चक्रवात के खतरे को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार से लेकर एनडीआरएफ की टीम अलर्ट मोड में है. मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात यास 26 मई को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट से टकराएगा. इसी दिन (26 मई को) बुद्ध पूर्णिमा भी है. कई विशेषज्ञों का दावा है कि पूर्णिमा या इसके आसपास समुद्री चक्रवात आते रहते हैं. इस बार भी बुद्ध पूर्णिमा (26 मई) को बंगाल और ओडिशा में यास चक्रवात आ रहा है. यास चक्रवात को अम्फान से खतरनाक बताया जा रहा है. खास बात यह है कि पिछले साल बुधवार को अम्फान का कहर दिखा था. इस बार बुधवार को यास आ रहा है.

Also Read: Cyclone Yaas Update: यास चक्रवात को लेकर झारखंड में रेड अलर्ट जारी, बिहार में क्या हैं हालात?
अम्फान के बाद बुधवार को यास का कहर? 

अगर पिछले साल बंगाल में आए अम्फान चक्रवात का जिक्र करें तो वो भी बुद्ध पूर्णिमा के कुछ दिनों बाद आया था. पिछले साल 2020 में 6 मई को बुद्ध पूर्णिमा था और 20 मई को अम्फान चक्रवात ने तबाही मचाई थी. 6 मई का दिन बुधवार था और इस बार 26 मई का दिन भी बुधवार है, जब यास चक्रवात पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट से टकराएगा. वैज्ञानिकों का दावा है कि चंद्रमा की गतिविधियों का समुद्र पर गहरा असर होता है. पूर्णिमा के कारण भी समुद्र में ऊंची लहरें उठती हैं, जिसे ज्वारभाटा के नाम से जाना जाता है. कभी-कभी पूर्णिमा के आसपास भी चक्रवात आते हैं. अम्फान पूर्णिमा के बाद आया था. जबकि, यास पूर्णिमा के दिन आने वाला है.


Also Read: Cyclone Yaas Tracker : Tauktae और Amphan से ज्यादा खतरनाक है चक्रवाती तूफान ‘यास’ ?
26 मई को यास का दिखेगा प्रचंड रूप…

विज्ञान के मुताबिक महीने में मुख्य रूप से दो बार पूर्णिमा और अमावस्या होती है. इस दौरान समुद्र की लहरें काफी ऊंची-ऊंची उठती हैं. इसको देखते हुए चक्रवाती तूफान यास और समुद्र में आने वाले ज्वारभाटा के कारण तटीय इलाकों में बसे गांवों को खाली कराया गया है. जानमाल के नुकसान को कम से कम करने की कोशिश की जा रही है. माना जा रहा है यास चक्रवात के लैंडफाल को देखते हुए उसकी प्रचंडता का सही-सही अंदाजा हो सकता है. अभी मौसम विभाग चक्रवात यास के कारण अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जता रही है. विभाग का कहना है कि 26 मई को चक्रवात यास का प्रचंड रूप दिखेगा.

Next Article

Exit mobile version