CWC Meeting : कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पार्टी की ओर से कई निर्णय लिये गये हैं. जानकारी के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्य समिति की बैठक में पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता की जरूरत पर बल दिया और कहा कि व्यक्तिगत मतभेदों को दूर रखकर पार्टी की सफलता को प्राथमिकता देने की जरूरत है.
कार्य समिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि अगले दो-तीन महीनों में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं, लोकसभा चुनाव महज छह महीने दूर हैं, जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, हमें यह भी ध्यान रखना होगा. उन्होंने कहा कि हाल में कर्नाटक विधानसभा चुनाव और उससे पहले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में हम विजयी रहे, जो इस बात का प्रमाण है कि देश बदलाव चाहता है.
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उसने अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए इस विषय पर समिति बनाई, जिसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंप दी. उन्होंने विस्तारित कार्य समिति की बैठक में कहा कि यह आराम से बैठने का समय नहीं है. दिन-रात मेहनत करनी होगी. हम सभी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते है, पर हमें हमेशा अनुशासन में ही रहना चाहिए.
Also Read: सनातन धर्म विवाद में नहीं पड़ेगी कांग्रेस! जानें सीडब्ल्यूसी की बैठक में क्या बोले राहुल गांधीऐसा कुछ न करें, जिससे कांग्रेस का नुकसान हो
कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं का आह्वान किया कि यह ध्यान रखें कि अपनी वाहवाही के लिए ऐसा कुछ न करें, जिससे पार्टी का नुकसान हो जाए. अनुशासन के बगैर कोई नेता नहीं बनता. हम खुद अनुशासन में रहेंगे, तभी लोग हमारा अनुकरण करेंगे, हमारी बात मानेंगे. उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के हैदराबाद में ही 1953 में दिए उस वक्तव्य का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अनुशासन की भावना पर जोर दिया था. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कर्नाटक में हम एकजुट रहे, जिसका नतीजा सबने देखा.
पूरी ताकत झोंकनी होगी
मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी नेताओं से कहा कि केंद्र की ‘तानाशाह सरकार’ को सत्ता से हटाने के लिए पूरी ताकत झोंकनी होगी. कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जनता के मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए, नये-नये मसले लाकर ध्यान भटकाने की राजनीति करती है. उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में हमारी सरकारें हैं, उनके अच्छे कामों को प्रचारित करना है. हमें यह भी बताना है कि केंद्र सरकार कैसे हमारी सरकारों की प्रगति में रोड़े डालती है. जहां हम विपक्ष में हैं, वहां हमें सत्तारूढ़ दल की खामियों और जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करना है.
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इस बीच कांग्रेस ने रविवार को केंद्र सरकार से फिर आग्रह किया कि संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराया जाए, जो पहले से ही राज्यसभा में पारित हो चुका है. आपको बता दें कि मुख्य विपक्षी दल ने शनिवार को अपनी कार्य समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव में महिला आरक्षण विधेयक पारित किए जाने का आह्वान किया था. इस संबंध में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि कांग्रेस कार्य समिति ने मांग की है कि संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को पारित किया जाना चाहिए.
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने इस बाबत मीडिया से बात की और कहा कि कांग्रेस लंबे समय से यह मांग कर रही है कि महिला आरक्षण विधेयक पारित किया जाना चाहिए. उन्होंने सरकार से इस विधेयक को पारित करने का आग्रह किया.
