नयी दिल्ली : देश में जहां कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलते जा रहा है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना दम तोड़ता नजर आ रहा है. दिल्ली का रिकवरी रेट लगाता सुधर रहा है. एक ओर वहां से कोरोना को लेकर बड़ी खुशी की खबर तो दूसरी ओर अब इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गयी है. क्रेडिट लेने की होड़ मच गई है.
भाजपा के सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) पर जमकर अपना गुस्सा दिखाया. गंभीर ने ट्विटर पर दो स्क्रीनशॉट्स डालकर केजरीवाल सरकार पर हमला बोला. गंभीर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए उन्हें ’21वीं सदी का तुगलक’ बता दिया. गंभीर ने लिखा कि TV पर बोलो – क्रेडिट नहीं चाहिु. Twitter पर बोलो – सब मैंने किया है. इससे पहले गौतम गंभीर ने केजरीवाल को उनके चुनावी वादे की भी याद करायी थी.
गंभीर ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, विज्ञापन और हैसटैग की जगह अगर इतना पैसा काम में लगाया होता तो दिल्ली अमित शाह जी के साथ आप का भी धन्यवाद करती अरविंद केजरीवाल जी!
गौतम गंभीर ने जो स्क्रीनशॉट्स शेयर किये हैं, उसमें आप आदमी पार्टी के ऑफिशियल अकाउंट में लिखा गया है, ये समय क्रेडिट लेने का नहीं है, अगर अभी क्रेडिट के लिए लड़ेंगे तो लोगों के बुरा हाल होंगे. वो हमारे सारे काम का क्रेडिट ले., हमें अभी बस लोगों की जान बचानी है. माननीय अरविंद केजरीवाल जी.
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गौतम गंभीर ने एक और ट्वीट में अरविंद केजरीवाल का टारगेट में लिखा था और लिखा था, चुनाव से पहले – मुफ़्त बिजली और पानी. चुनाव के बाद – तुगलक की मनमानी.
गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना के केस लगातार ठीक हो रहे है. अब तक दिल्ली में कोरोना से एक लाख 20 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें 99 हजार 301 लोग ठीक हो चुके हैं. अब केवल 21 हजार के करीब एक्टीव केस रह गये हैं, कोरोना के. दिल्ली में कोरोना से 3571 लोगों की जान चली गयी है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया था कि दिल्ली में कैसे कोरोना वायरस हार रहा है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 स्थिति जून के मुकाबले अब बेहतर है, लेकिन वायरस के खिलाफ जंग अभी तक जीती नहीं गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दिल्ली सरकार ने यह महसूस किया कि यह लड़ाई अकेले नहीं जीती जा सकती है तो उसने तीन सिद्धांतों पर काम करना शुरू किया. उन्होंने कहा, अगर दिल्ली सरकार यह सोचती कि वह अकेले कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई जीत लेगी तो हम इसमें विफल हो जाते.
हमारा पहला सिद्धांत यह था कि हम यह लड़ाई अकेले नहीं जीत सकते हैं. हमारा दूसरा सिद्धांत यह था कि हमारे काम के बारे में अगर हमारे आलोचक अपने विचार रखते हैं तो हम उनकी आलोचना नहीं करेंगे. अगर कोई किसी खामी की ओर इशारा करता है तो हम उसमें सुधार करेंगे. हमारा तीसरा सिद्धांत था कि हम हार नहीं मानेंगे. अगर हम हार स्वीकार कर लेते तो मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी होती.
Posted By – Arbind kumar mishra
