कांग्रेस का बीजेपी पर हमला, कहा- भारत को इंडिया से लड़ा रहे, सोना हो या गोल्ड कीमत नहीं बदलती

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की पहली वर्षगांठ पर कहा कि उनकी यात्रा देश में ‘नफरत मिटने और भारत के जुड़ने’ तक जारी रहेगी. पवन खेड़ा ने कहा, जब ‘भारत जोड़ो यात्रा’ चल रही थी, तो इसे असफल करने के कई षड्यंत्र हुए लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली.

‘भारत जोड़ो यात्रा’ की पहली वर्षगांठ पर कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी और मोदी सरकार पर सीधा निशाना साधा. उन्होंने भारत और इंडिया विवाद पर भी जमकर हमला किया और कहा, भारत और इंडिया को लड़ाने वाली ताकतों की पहचान कर उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है.

सोना हो या गोल्ड, कीमत नहीं बदलती : खेड़ा

भारत और इंडिया विवाद पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, एक जुड़ा हुआ भारत किसको परेशान कर सकता है. आज जब भारत जोड़ो यात्रा के एक वर्ष पूरे हो गये, तो यह सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है. यह सवाल देश के भविष्य के साथ जुड़ा है. उन्होंने पूछा, कौन है वो ताकतें, जिसे जुड़ा हुआ भारत पसंद नहीं है. जो अब भारत को इंडिया से भिड़वा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, सोना हो या गोल्ड, हिंदी में बोलो या अंग्रेजी में, कीमत थोड़े न बदल जाएगी. देश की जनता ऐसी ताकतों को पहचान गयी है, जो भारत को इंडिया से लड़ाना चाहती हैं. हम सब की जिम्मेदारी है कि ऐसी ताकतों को पहचानकर उन्हें बेनकाब करें और भारत और इंडिया को आगे बढ़ाएं. जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया. ये नारा हमसब के दिलों में बैठ गया है.

भारत जोड़ो यात्रा स्याही से नहीं, बल्कि पसीनो से लिखी गयी : खेड़ा

पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, आज ऐतिहासिक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की पहली वर्षगांठ पर मैं लाखों निडर भारतीयों का धन्यवाद करता हूं. यह यात्रा मीलों और किलोमीटरों में नहीं नापी जा सकती है. यह यात्रा 145 दिन, 4 हजार किलोमीटर तक चली. यह यात्रा सैकड़ों भाषाएं, लाखों आहें, करोड़ों उम्मीदें के रास्ते से होते हुई भारत के दिल में समा गई. इस यात्रा के जरिये भारत को जोड़ा गया, दिलों को जोड़ा गया. राहुल गांधी के लिए, भारत के लिए यह यात्रा समाप्त नहीं हुई है. यात्रा अपनी निरंतरता के लिए जानी जाएगी. विदेशों की यूनिवर्सिटी में इस यात्रा को लेकर रिसर्च कराये जाने की बात हो रही है. भारत जोड़ो यात्रा स्याही से नहीं लिखी गयी है, बल्कि पसीने से लिखी गयी है.

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भारत जोड़ो यात्रा को रोकने के लिए षडयंत्र रची गयी: खेड़ा

पवन खेड़ा ने कहा, जब ‘भारत जोड़ो यात्रा’ चल रही थी, तो इसे असफल करने के कई षड्यंत्र हुए लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली. उन्होंने आगे कहा, भारत जोड़ो यात्रा तीर्थ यात्रा थी और रहेगी. तीर्थ यात्रा कभी समाप्त नहीं होती. तीर्थ यात्रा हर यात्रा का प्रारंभ होती है.

नफरत मिटने और भारत के जुड़ने तक यात्रा जारी है : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की पहली वर्षगांठ पर कहा कि उनकी यात्रा देश में ‘नफरत मिटने और भारत के जुड़ने’ तक जारी रहेगी. राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, भारत जोड़ो यात्रा के एकता और मोहब्बत की ओर करोड़ों कदम, देश के बेहतर कल की बुनियाद बने हैं. यात्रा जारी है – नफरत मिटने तक, भारत जुड़ने तक। ये वादा है मेरा!

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने की 4 हजार किलोमीटर की पदयात्रा

राहुल गांधी ने पार्टी के कई नेताओं के साथ करीब 4,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की थी और इस दौरान उन्होंने समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से बातचीत की थी. यह यात्रा पिछले साल सात सितंबर को कन्याकुमारी से आरंभ हुई थी, जो इस वर्ष 30 जनवरी को श्रीनगर में समाप्त हुई थी. यात्रा 145 दिन चली थी.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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