ED कार्रवाई को कांग्रेस ने बताया 'बूस्टर डोज', कहा, अदाणी की क्यों नहीं हो रही जांच, पीएम मोदी पर गंभीर आरोप

जयराम रमेश ने कहा, यह प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति है. हमारे अधिवेशन से तीन दिन पहले कई साथियों के यहां छापे मारे गए हैं. इस धमकी की राजनीति से हम झुकने वाले नहीं हैं. रमेश ने कहा, हमारा पूर्ण अधिवेशन होकर रहेगा. यह कार्रवाई हमारे लिए बूस्टर डोज है. हम डरने वाले नहीं हैं.

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा. कहा, यह प्रतिशोध एवं उत्पीड़न की राजनीति है जिसके सामने वह झुकने वाली नहीं है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पसंदीदा उद्योगपति गौतम अदाणी की जांच क्यों नहीं की जा ही है जबकि उनके गैरकानूनी कारनामे रोजाना सामने आ रहे हैं?

ईडी कार्रवाई को कांग्रेस ने बताया ‘बूस्टर डोज

जयराम रमेश ने कहा, यह प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति है. हमारे अधिवेशन से तीन दिन पहले कई साथियों के यहां छापे मारे गए हैं. इस धमकी की राजनीति से हम झुकने वाले नहीं हैं. रमेश ने कहा, हमारा पूर्ण अधिवेशन होकर रहेगा. यह कार्रवाई हमारे लिए बूस्टर डोज है. हम डरने वाले नहीं हैं.

हमारे देश का सबसे बड़ा घोटाला है जिससे प्रधानमंत्री खुद जुड़े हैं : जयराम रमेश

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अदाणी समूह से जुड़े मामले का हवाला देते हुए सवाल किया, हमारे देश का सबसे बड़ा घोटाला है जिससे प्रधानमंत्री खुद जुड़े हैं. प्रधानमंत्री के पसंदीदा उद्योगपति गौतम अदाणी के गैरकानूनी कारनामे रोज सामने आ रहे हैं. इसकी जांच क्यों नहीं होती?

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यह अमृतकाल नहीं, अघोषित आपातकाल है

रमेश का कहना था, ‘‘हम ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के माध्यम से जो परिवर्तन लाए हैं, वो बरकरार रहेगा. उन्होंने कहा, यह अमृतकाल नहीं, अघोषित आपातकाल है. कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया कि 2014 के बाद से ईडी छापे की जितनी कार्रवाई हुई है उनमें से 95 प्रतिशत कार्रवाई विपक्षी दलों एवं उनके नेताओं को निशाना बनाकर की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के लिए ईडी का मतलब एलिमिनेटिंग डेमोक्रेसी है. खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की सफलता से घबराए हुए हैं. उन्होंने सवाल किया, प्रधानमंत्री जी, आप अपने परम मित्र पर जांच क्यों नहीं करवाते हैं? हिमंत विश्व शर्मा, बीएस येदियुरप्पा और कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ जांच क्यों नहीं की गई?

हमारी शराफत को हमारा गहना मानो

पवन खेड़ा ने कहा, कई राज्यों में हमारी सरकारें हैं. 2024 आ रहा है, मौसम बदलता है। ऐसे में हम कहना चाहते हैं कि हमारी शराफत को हमारा गहना मानो, हमारी कमजोरी मत मानो.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेताओं के आवास पर ईडी की छापेमारी

उल्लेखनीय है कि ईडी ने कोयला लेवी धनशोधन मामले में जारी जांच के तहत सोमवार को कांग्रेस नेताओं से जुड़े परिसरों सहित छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की. यह छापेमारी राज्य की राजधानी रायपुर में 24-26 फरवरी तक कांग्रेस के तीन दिवसीय पूर्ण अधिवेशन से पहले हुई है.राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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