अभिजीत दीपके ने परीक्षा विवादों के बीच कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की डिमांड पीएम मोदी के सामने रखी है. दीपके का कहना है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और न्याय मिलना चाहिए. दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की अपनी मांग भी दोहराई और जवाबदेही तय किए जाने पर जोर दिया.
यह मांग 20 जून को जंतर-मंतर पर होने वाले सीजेपी के दूसरे प्रदर्शन से पहले उठाई गई है. संगठन ने कहा है कि वह परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने में सरकार की कथित नाकामी के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज करेगा. इसके लिए छात्रों और युवाओं को भी बड़ी संख्या में जुड़ने की अपील की गई है.
11 छात्रों ने आत्महत्या की है : दीपके
दीपके ने पीएम को लिखे पत्र में कहा कि मैं भारी मन से आपको यह पत्र लिख रहा हूं ताकि आपका ध्यान एक ऐसे गंभीर संकट की ओर आकर्षित कर सकूं, जो हमारे देश के भविष्य तथा युवाओं के जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि हाल के सप्ताहों में 11 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से पांच मामलों की सूचना पिछले 48 घंटे में मिली है. उन्होंने कहा कि संभावित री-एग्जाम को लेकर अनिश्चितता के कारण छात्रों की चिंताएं बढ़ रही हैं.
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प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक मदद दी जाए
अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से मांग की है कि परीक्षा विवादों से प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक मदद दी जाए. उनका कहना है कि कई परिवारों ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भारी एजुकेशन लोन लिया था और अपनी जीवनभर की बचत खर्च कर दी. ऐसे में बच्चों की मौत के बाद ये परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए हैं. दीपके ने प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं से पैदा हुए संकट का हवाला देते हुए प्रभावित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है.
