CJP Protest : जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए कौन भेज रहा खाने का पार्सल ?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP आंदोलन के बीच इंसानियत की अनोखी मिसाल देखने को मिल रही है. देश के अलग-अलग हिस्सों से अनजान लोग प्रदर्शनकारियों के लिए लगातार खाने के पार्सल भेज रहे हैं.

CJP आंदोलन के बीच कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिन्हें देखकर आप भी कहेंगे-इंसानियत आज भी जिंदा है. दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच लगातार खाने के पार्सल पहुंच रहे हैं. फूड डिलीवरी पार्टनर एक के बाद एक ऑर्डर लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं.

दिलचस्प बात यह है कि उन्हें भी नहीं पता होता कि खाना किसने भेजा है और यह किस व्यक्ति के लिए है. उनके मोबाइल स्क्रीन पर सिर्फ ऑर्डर नंबर और डिलीवरी लोकेशन 'जंतर-मंतर' दिखाई देता है.

सिर्फ ऑर्डर नंबर, भेजने वाले का नहीं पता

जनपथ मेट्रो स्टेशन से लेकर जंतर-मंतर तक कई फूड डिलीवरी पार्टनर आते-जाते दिखाई दे रहे हैं. किसी ने अभी एक ऑर्डर दिया है तो कोई अगला पार्सल लेकर पहुंच रहा है. जब उनसे पूछा जाता है कि खाना किसने भेजा है, तो उनका जवाब लगभग एक जैसा होता है

"हमें नहीं पता, ऐप पर सिर्फ ऑर्डर नंबर और लोकेशन दिखाई देता है."

मौके पर पहुंचकर डिलीवरी पार्टनर पार्सल किसी वालंटियर को सौंप देते हैं. इसके बाद वालंटियर बिना पैकेट खोले उसे कतार में बैठे प्रदर्शनकारियों तक पहुंचा देते हैं. कई लोगों को यह भी नहीं पता होता कि उनके हाथ में आया भोजन किसने भेजा है.

हालांकि, कुछ पार्सलों पर दर्ज नाम और ऑर्डर डिटेल से पता चलता है कि खाना भेजने वाले देश के अलग-अलग हिस्सों से हैं.

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, कोलकाता और चेन्नई समेत कई शहरों से ऑर्डर किए गए हैं. वहीं, कुछ डिलीवरी पार्टनर वीडियो में यह दावा भी करते नजर आते हैं कि विदेशों से भी प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन बुक कराया जा रहा है.

लोग ऑर्डर करते जा रहे हैं, हम बांटते जा रहे हैं

जंतर-मंतर पर मौजूद वालंटियर सिर्फ पार्सल लेने का काम नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें जरूरतमंद प्रदर्शनकारियों तक पहुंचा भी रहे हैं.

  • एक वालंटियर का कहना है कि शुरुआत में उन्होंने अपने स्तर पर लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की थी, लेकिन बाद में देशभर से लोगों ने ऑनलाइन खाना भेजना शुरू कर दिया.
  • एक अन्य वालंटियर कहता है, लोग ऑर्डर करते जा रहे हैं, हम बांटते जा रहे हैं. हम बस लोगों का प्यार जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं.
  • वहीं, एक तीसरे वालंटियर का कहना है कि लोगों को बिना किसी पहचान या स्वार्थ के मदद करते देखकर उसे लगा कि आज भी इंसानियत जिंदा है. उसके मुताबिक, लगातार घंटों खड़े रहने से पैरों में दर्द जरूर हो रहा है, लेकिन लोगों की मदद करने का सुकून उस दर्द से कहीं बड़ा है.

आंदोलन के बीच इंसानियत की अलग कहानी

CJP आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस अपनी जगह है, लेकिन जंतर-मंतर से सामने आ रही ये तस्वीरें एक अलग कहानी भी बयां कर रही हैं. हजारों प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच कई अनजान लोग बिना अपना नाम बताए सिर्फ एक क्लिक के जरिए किसी भूखे तक खाना पहुंचा रहे हैं.

खास बात यह है कि ये ऑर्डर किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि वहां मौजूद किसी भी जरूरतमंद प्रदर्शनकारी के लिए किए जा रहे हैं.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक,

पिछले दो दिनों में करीब 2,000 फूड ऑर्डर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे. इनमें पानी की बोतलें, पिज्जा, बर्गर, मोमोज, समोसे, खाने की थालियां, कढ़ी-चावल, बिरयानी, बिस्कुट, फल, जूस, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम और टॉफियां जैसी कई चीजें शामिल थीं.

सिर्फ ऑनलाइन फूड डिलीवरी ही नहीं, बल्कि कई लोग अपने घरों से बना खाना लेकर भी पहुंचे. कुछ लोगों ने मौके पर स्टॉल लगाकर मुफ्त भोजन और जरूरी सामान बांटा, जबकि कई वालंटियर लगातार घूम-घूमकर प्रदर्शनकारियों तक खाने के पैकेट और अन्य जरूरी सामान पहुंचाते रहे.

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By गौतम कुमार

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