बोले झारखंड - बिहार के टिकटॉक स्टार, टैलेंट किसी ऐप का मोहताज नहीं होता

टिकटॉक ने झारखंड और बिहार समेत दूर दराज के ग्रामीण इलाकों की प्रतिभा को भी पहचान दिलायी. झारखंड और बिहार से कई स्टार चमचमाते हुए आपकी मोबाइल स्क्रीन पर इस ऐप के जरिये झा गये थे. ये टिकटॉक स्टार अब इस ऐप के बंद होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया लगातार शेयर कर रहे हैं. पढ़ें पंकज कुमार पाठक की रिपोर्ट

रांची : टिकटॉक ने झारखंड और बिहार समेत दूर दराज के ग्रामीण इलाकों की प्रतिभा को भी पहचान दिलायी. झारखंड और बिहार से कई स्टार चमचमाते हुए आपकी मोबाइल स्क्रीन पर इस ऐप के जरिये झा गये थे. ये टिकटॉक स्टार अब इस ऐप के बंद होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया लगातार शेयर कर रहे हैं. पढ़ें – पंकज कुमार पाठक की रिपोर्ट

सरकार के फैसले के साथ खड़े हैं, हम दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर भी हैं

झारखंड के धनबाद से डांसर सनातन और उनकी बहन सावित्री ने कहा, हम सरकार के फैसले के साथ है. भागलपुर के रहने वाले आदर्श आनंद ने भी कहा, टिकटॉक ने बहुत कुछ दिया है लेकिन मैं सरकार के फैसले के साथ खड़ा हूं. भागलपुर के आदर्श आनंद ने कहा, आपको बहुत याद करूंगा मेरा 38 लाख का परिवार था टिकटॉक पर. मैं जानता हूं कि जो मेरे साथ है वह इस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी मेरे साथ होंगे. झारखंड के टिकटॉक स्टार डांसर सनातन और उनकी बहन सावित्री ने ऐप बंद होने पर कहा, हम सरकार के फैसले के साथ हैं. हमारी कला को इस मंच से पहचान मिली है लेकिन हम अब दूसरे मंच पर जाने के लिए तैयार हैं. हमारे पास यूट्यूब और भारतीय ऐप के ऑप्शन हैं. टाइलेंट किसी ऐप का मोहताज नहीं होता.

आखिरी सलाम कहने आया हूं

झारखंड और बिहार के यह दोनों स्टार्स बैन होने की खबर के बाद अपने टिकटॉक पर लाइव थे. इस लाइव वीडियो में उन्होंने कहा, हम आपको आखिरी सलाम कहने आये हैं. भारत में टिकटॉक सहित 59 ऐप पर पाबंदी लगी है. टिकटॉक से बहुत सारे लोगों ने अपनी पहचान बनायी है. कोयलांचल के सुदूर देहात से टिकटॉक पर छा जाने वाले स्टार डांसर सनातन के नाम से फेमस है. गांव के कच्चे से मकान से इस प्लेटफॉर्म पर छा जाने वाले सनातन कुमार महतो व उनकी बहन सावित्री कुमारी ने अपनी अलग पहचान बना ली.

टिकटॉक बंद हुआ हमारी प्रतिभा, तो खत्म नहीं हुई

डांसर सनातन और उनकी बहन सावित्री ने कहा, हम सरकार के फैसले के साथ है. मेरे जितने फॉलोअर्स है वह मेरे साथ हैं. ऐप बंद हुआ हमारी प्रतिभा थोड़ी बंद हो गयी. हमारी पहचान टिकटॉक से हो गयी. टिकटॉक ने हमें प्रचारित जरूर कर दिया. अब हम दूसरे प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब और रोपोसो जैसे ऐप पर आयेंगे.

टिकटॉक ने क्या दिया

अपने लाइव सेक्शन में दोनों स्टार ने कहा, टिकटॉक ने हमें पहचान दी है. हम अपने सभी फॉलोअर्स का आभार व्यक्त करते हैं. झारखंड में धनबाद के रहने वाले डांसर सनातन की बहन सावित्री ने कहा, हमें जब पहचान मिलने लगी तो हम शादी समारोह में जाते थे लोग हमारी तस्वीर लेते थे. हमसे बात करते थे. अबतक हमें इस ऐप से कोई खास पैसा नहीं मिला. पहचान जरूर मिली है. अगर कोई हमसे कहीं मिलेगा तो हमारी पहचान इसी ऐप के जरिये होगी लोग कहेंगे ये वही डांसर सनातन है जो टिकटॉक पर वीडियो बनाता था. इसी ऐप की वजह से कई लोग हमसे मिलने आते थे. अच्छा लगता था. टिकटॉक पर हमारे पास 2 मीलियन से ज्यादा फॉलोअर्स थे हमने खूब मेहनत की थी अब वही मेहनत हमें टिकटॉक से हटकर यूट्यूब पर भी करनी है.

यूट्यूब पर कब से हैं

डांसर सनातन ने बताया कि हमने पहले यूट्यूब से ही शुरुआत की थी. इसके एक महीने बाद हम टिकटॉक पर आये थे. जब हमें यूट्यूब पर सफलता नहीं मिली तो हम टिकटॉक पर आये. यहां हमें पहचान मिली. यूट्यूब पर हमारे दो साल से ज्यादा फॉलोअर्स हो गये हैं. इस ऐप के बंद होने के बाद हमें जो देखना चाहते हैं वो यूट्यूब पर आ सकते हैं. आज जब टिकटॉक बंद हो रहा है तो हम अपने टिकटॉक परिवार के साथ हैं और लाइव आकर उन्हें आखिरी बार मिल रहे हैं.

भागलपुर के टिकटॉक स्टार

आदर्श आनंद टिकटॉक पर मजेदार वीडियो बनाते थे. अब वो भी यूट्यूब और इस्टाग्राम पर हैं. उन्होंने कहा, टिकटॉक को धन्यवाद कहूंगा कि इतना कुछ दिया है इस ऐप ने मुझे. आर्दश भी अब यूट्यूब पर हैं और और अपने चैनल को आखिरी बार इस ऐप के जरिये प्रमोट कर रहे हैं.आदर्श ने कहा, यूट्यूब पर मैं बहुत पहले से हूं यूट्यूब पर मेरे 1 लाख 70 हजार फॉलोअर्स है. अगर आप मुझे मिलना चाहते हैं तो इंस्टाग्राम और यूट्यूब ऐसे मंच है जहां आपसे मुलाकात होती रहेगी. टिकटॉक के सहारे से ही आपने मुझे पहचाना है. आपने मुझे ढेर सारा प्यार दिया है. मुझे उम्मीद है कि यहां जो प्यार मिला वहां भी मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By PankajKumar Pathak

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