लड़कियों को 1.5 लाख रुपये, जानें छत्तीसगढ़ के बजट में क्या है खास?

Chhattisgarh Budget: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. यह बजट संकल्प (एसएएनकेएएलपी) पर आधारित है, जिसमें इनक्लूसिव ग्रोथ और इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज करना. साथ ही निवेश को बढ़ावा देना शामिल है.

Chhattisgarh Budget: 2023 में सत्ता में आई बीजेपी के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार ने मंगलवार को अपना तीसरा बजट पेश किया. बजट में सबसे बड़ी घोषणा बच्चियों के लिए की गई. जिसमें बताया गया- राज्य सरकार रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 साल की उम्र होने पर 1.5 लाख रुपये मिलेंगे. छत्तीसगढ़ का बजट में भी विकास हुआ जो 35 गुना बढ़ गया है. राज्य निर्माण के दौरान बजट 4,944 करोड़ रुपये था जो बढ़कर अब 1,72,000 करोड़ रुपये हो गया है.

बजट में सामाजिक क्षेत्र पर खास जोर

बजट में सामाजिक क्षेत्र पर खास जोर दिया गया है, जो कुल खर्च का 40 प्रतिशत है, जबकि 36 प्रतिशत आर्थिक क्षेत्र के लिए और 24 प्रतिशत सामान्य सेवा क्षेत्र के लिए रखा गया है.

अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी बनाने का ऐलान

बजट में सरगुजा, बस्तर और नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास पर खास जोर दिया गया है. सरकार ने बस्तर इलाके में कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी बनाने का ऐलान किया है, जिसके लिए एक सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं.

बस्तर फाइटर्स के 1500 नवीन पदों का सृजन

खेल और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं. बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी पहल के लिए बजट में संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके और क्षेत्र की सकारात्मक पहचान मजबूत हो. इसके साथ ही बस्तर फाइटर्स के 1500 नवीन पदों का सृजन किया गया है.

महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर रजिस्ट्रेशन में 50 प्रतिशत की छूट

बजट में सरकार ने महिलाओं के नाम से संपत्ति क्रय पर लगने वाले पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा.

सरकार का पहला बजट ज्ञान पर था आधारित

सरकार का पहला बजट ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) विषयवस्तु पर आधारित था, जबकि पिछले साल यह गति (सुशासन, अवसंरचना को तेज करना, प्रौद्योगिकी और आद्योगिक विकास) पर केंद्रित था.

इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज बनाने के लिए बजट

सरकार ने बस्तर में इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज बनाने के लिए बजट में 2024 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था.

बजट में स्कूल शिक्षा के लिए 22360 करोड़ रुपये

बजट में स्कूल शिक्षा के लिए 22360 करोड़ रुपये, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16560 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग के लिए 9451 करोड़ रुपये और जल संसाधन विभाग के लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बजट में निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने को 250 करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है.

किसानों के लिए बजट में क्या है खास?

कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस योजना का उद्देश्य खेती में आधुनिक तकनीक, बेहतर इनपुट और उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है.

ग्रामीण इलाकों में हर साल 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार

विकास भारत जी राम जी योजना के लिए बजट में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में हर साल 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है – जिसका मकसद नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में बुनियादी अवसंरचना, नागरिक सेवाओं और सफाई को बेहतर बनाना है. वहीं मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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