Chandrayaan-3 Launch: चंद्रयान-3 के ऊपरी कक्षा में पहुंचने की दूसरी प्रक्रिया पूरी, ISRO ने दी जानकारी

ISRO Chandrayaan-3 launch Updates : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के तीसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ का प्रक्षेपण 14 जुलाई को किया. गत शुक्रवार को दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर इसे प्रक्षेपित किया गया. इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से तीसरे चंद्रयान मिशन के लिए शुभकामनाएं दीं. उन्होंने ट्वीट करके कहा कि भारतीय अंतरिक्ष के क्षेत्र में 14 जुलाई 2023 का दिन हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा तथा यह राष्ट्र की आशाओं और सपनों को आगे बढ़ाएगा. इससे जुड़ी हर जानकारी के लिए बने रहें हमारे साथ और देखें लाइव

Live Updates
9:20 PM. 17 Jul 23 3:50 PM. 17 Jul

इसरो ने चंद्रयान-3 के ऊपरी कक्षा में पहुंचने की दूसरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 के ऊपरी कक्षा में पहुंचने की दूसरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. इसरो ने सोमवार को कहा कि अंतरिक्ष यान अब 41603 किलोमीटर X (गुणा) 226 किलोमीटर की कक्षा में है. उसने कहा कि अगला चरण मंगलवार अपराह्न दो बजे से तीन बजे के बीच प्रस्तावित है. चंद्रयान-3 मिशन 14 जुलाई को चंद्रमा के लिए रवाना हुआ था.

10:39 PM. 16 Jul 23 5:09 PM. 16 Jul

लॉन्चिंग के बाद अब किस हाल में है चंद्रयान-3, ISRO ने शेयर की लोकेशन

चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की लॉन्चिंग के बाद अब ISRO ने उसकी लोकेशन सोशल मीडिया पर साझा की है. चंद्रयान-3 अब 41 हजार 762 से ज्यादा की कक्षा में पृथ्वी के चारों तरफ अंडाकार चक्कर लगा रहा है. इसरो वैज्ञानिक इसकी कक्षा से संबंधित डेटा का एनालिसिस कर रहे हैं.

12:23 PM. 15 Jul 23 6:53 AM. 15 Jul

चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी

चंद्रयान-3 के एलएमवीएम3-एम4रॉकेट से सफलतापूर्वक अलग होने के तुरंत बाद, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ मंच पर आए और कहा, ‘बधाई हो भारत…’ इसरो अध्यक्ष के पीछे अंतरिक्ष विभाग और परमाणु ऊर्जा विभाग के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, कई सरकारी प्रतिनिधि, दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठे थे. सोमनाथ ने आगे कहा, ‘‘चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है.’’

12:23 PM. 15 Jul 23 6:53 AM. 15 Jul

चंद्रयान की सफलता के साथ-साथ खुशियां बढ़ती गईं

चंद्रयान-3 के साथ विशाल रॉकेट जोरदार गर्जना के साथ जब शुक्रवार दोपहर आसमान में उड़ा तो वहां सिर्फ विस्मय और तालियां नहीं थीं, बल्कि कुछ हल्के-फुल्के क्षण भी थे. सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के मिशन नियंत्रण केंद्र के मंच और उसके आसपास मौजूद लोग थोड़ी देर के बाद ही खुशी से झूम उठे. इसी मंच से इसरो की कुछ यादगार और प्रसिद्ध उपलब्धियों की घोषणा की गयी है.

4:06 AM. 15 Jul 23 10:36 PM. 14 Jul

चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण भारत के लिए गर्व का क्षण- सिद्धरमैया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण भारत के लिए गर्व का क्षण है और यह युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में अनुसंधान करने के लिए प्रेरित करेगा. उन्होंने सफल प्रक्षेपण के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बधाई दी जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में है.मुख्यमंत्री ने कहा, यह भारत के लिए गर्व का क्षण है और भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान एवं नवाचार में एक नया मील का पत्थर है. सिद्धरमैया ने कहा कि यह उपलब्धि भारत के युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में अनुसंधान करने के लिए प्रेरित करेगी.

4:06 AM. 15 Jul 23 10:36 PM. 14 Jul

बाहरी अंतरिक्ष में अन्य एक्सोप्लैनेट की खोज में मदद करेगा चंद्रयान-3

चंद्रयान की सफलता से पूरा देश उत्साहित है. इसी कड़ी में नेहरू तारामंडल की प्रोग्रामिंग मैनेजर प्रेरणा चंद्रा ने कहा है कि इसरो के साथ-साथ, सभी भारतीय नागरिक मिशन को लेकर उत्साहित थे. चंद्रयान-2 की लैंडिंग सुचारू नहीं होने के कारण डर की भावना थी. लेकिन, हमने देखा कि हमने रॉकेट के सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार कर लिया और अब, हम अंतरिक्ष में हैं. मिशन हमें बाहरी अंतरिक्ष में अन्य एक्सोप्लैनेट की खोज में मदद करेगा जो जीवन को बनाए रख सकते हैं.

मुख्य बातें

ISRO Chandrayaan-3 launch Updates : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश के तीसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3’ का प्रक्षेपण 14 जुलाई को किया. गत शुक्रवार को दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर इसे प्रक्षेपित किया गया. इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से तीसरे चंद्रयान मिशन के लिए शुभकामनाएं दीं. उन्होंने ट्वीट करके कहा कि भारतीय अंतरिक्ष के क्षेत्र में 14 जुलाई 2023 का दिन हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा तथा यह राष्ट्र की आशाओं और सपनों को आगे बढ़ाएगा. इससे जुड़ी हर जानकारी के लिए बने रहें हमारे साथ और देखें लाइव

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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