Indian Railway : उमा भारती ने रविवार (12 अप्रैल) को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को चिट्ठी लिखी. उन्होंने बताया कि झांसी रेलवे स्टेशन पर उनकी ट्रेन छूटते-छूटते बची, जिसके बाद उन्होंने रेलवे व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने ने बताया कि चेन खींचे जाने के बाद वह ट्रेन में चढ़ पाईं. उनका कहना है कि वह समय पर स्टेशन पहुंच गई थीं, लेकिन खराब व्यवस्था और ट्रेन के जल्दी छूटने की वजह से परेशानी हुई. उन्होंने आधुनिक सुविधाओं में संवेदनशीलता की कमी की बात भी उठाई, और कहा कि ऐसा उनके साथ पहले मथुरा रेलवे स्टेशन पर भी हो चुका है.
उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “माननीय रेल मंत्री जी, मैंने पहले भी मथुरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के प्रति असंवेदनशीलता की बात उठाई थी. आज झांसी रेलवे स्टेशन पर मेरे साथ फिर ऐसा ही हुआ. इसमें किसी की गलती नहीं थी, बल्कि स्टेशनों पर बनी आधुनिक सुविधाओं में व्यावहारिक संवेदनशीलता की कमी ही इसकी वजह है.
क्यों परेशानी हुई उमा भारती को
उमा भारती ने कहा कि वह ट्रेन के लिए समय से पहले झांसी रेलवे स्टेशन पहुंच गई थीं. उन्होंने CCTV फुटेज जांचने की मांग की. उनका आरोप है कि ट्रेन तय समय से पहले ही आकर और जल्दी ही रवाना हो गई, जिससे यह पूरी परेशानी खड़ी हुई.
किसी ने चेन खींच दी, जिससे उमा भारती चढ़ पाईं
उमा भारती ने बताया कि वह समय से पहले स्टेशन पहुंच गई थीं और प्लेटफॉर्म बदलने के लिए बैटरी कार से जा रही थीं. इस दौरान एक ट्रेन गुजरने और ट्रैक पर हैंडकार्ट (हाथ से चलाने वाली छोटी गाड़ी) फंसी होने की वजह से 3-4 मिनट का समय खराब हो गया. जब वह प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं, तब तक ट्रेन चलने लगी थी, हालांकि किसी ने चेन खींच दी, जिससे वह चढ़ पाईं.
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उमा भारती ने कहा कि यह किसी अधिकारी की गलती नहीं, बल्कि सिस्टम में व्यावहारिक समझ और संवेदनशीलता की कमी है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी समस्याओं का सामना आम लोग, बुजुर्ग, दिव्यांग और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाएं ज्यादा करती हैं. उन्होंने रेल मंत्री से इन कमियों पर ध्यान देने की अपील की है.
