स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मेडिकल स्टोर के लिए एक नया नियम बनाने का प्रस्ताव दिया है. इसका मकसद डॉक्टर की पर्ची से मिलने वाली खास दवाओं (शेड्यूल H, H1 और X श्रेणी) की गलत बिक्री और बिना पर्ची के खरीद-बिक्री को रोकना है.
इस प्रस्ताव पर 'ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी' (DCC) और 'ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी Board' (DTAB) ने आपस में विचार-विमर्श किया है.
नियम की मुख्य बातें
- CCTV अनिवार्य: थोक (होलसेल) दुकानों को छोड़कर, सभी सामान्य मेडिकल स्टोर पर CCTV कैमरा लगाना जरूरी होगा. पर्ची से बिकने वाली सभी दवाएं कैमरे की नजर में बेची जाएंगी.
- 3 महीने की रिकॉर्डिंग: दुकानदारों को CCTV की रिकॉर्डिंग का बैकअप कम से कम 3 महीने (90 दिन) तक संभालकर रखना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच की जा सके.
- 30 दिन का समय: सरकार ने इस ड्राफ्ट नियम पर आम जनता और व्यापारियों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं.
अपनी राय या आपत्ति कैसे भेजें?
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नये नियम को लेकर सुझाव मांगा है. अगर कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो 30 दिनों के अंदर ईमेल: drugsdiv-mohfw@gov.in या डाक का पते, अवर सचिव (औषध), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, यू-6, वर्क हॉल- सी विंग, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली - 110001 पर भेज सकते हैं.
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