CBSE OSM: बोले जयराम रमेश- अधिकारियों का तबादला गड़बड़ी का सबूत, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा

CBSE OSM: कांग्रेस ने सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. बोर्ड के चेयरमैन और सचिव के तबादले के बाद पार्टी ने कहा कि जवाबदेही केवल नौकरशाहों की नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व की भी तय होनी चाहिए. कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.

CBSE OSM: कांग्रेस ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के चेयरमैन और सचिव के तबादले के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में सिर्फ नौकरशाहों को जिम्मेदार ठहराना ही काफी नहीं है. पार्टी का कहना है कि इस मामले में राजनीतिक नेतृत्व की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा कि सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया गया है, लेकिन न्याय का तकाजा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान को भी पद से हटाया जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री एक ऐसे तंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं जिसने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए.

केंद्र सरकार ने गठित की जांच समिति

इससे पहले केंद्र सरकार ने ओएसएम प्रणाली का ठेका देने के लिए सीबीएसई की ओर से अपनाई गई प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है. इस समिति की अध्यक्षता एस राधा चौहान कर रही है. राधा चौहान क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष हैं. चौहान समिति ठेका प्रक्रिया में अपनाए गए नियमों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करेगी और एक महीने के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला

इस बीच, सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का मंगलवार (2 जून) को बोर्ड से तबादला कर दिया गया. कांग्रेस ने इन तबादलों को ओएसएम प्रणाली से जुड़े विवादों और कथित अनियमितताओं से जोड़ते हुए कहा कि यह कदम स्वयं इस बात का संकेत है कि मामले में गंभीर सवाल मौजूद हैं.

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जयराम रमेश ने क्या कहा?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सीबीएसई नेतृत्व की विदाई और जांच समिति का गठन इस बात का प्रमाण है कि अनियमितताएं हुई थीं. उन्होंने इस मुद्दे को उजागर करने का श्रेय छात्रों को दिया और कहा कि जेन जी के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और तकनीकी समझ के बल पर इस कथित घोटाले को ऑनलाइन सामने लाया. उन्होंने यह भी दावा किया कि छात्रों ने इस मामले को संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के समक्ष भी उठाया था, जिसकी अध्यक्षता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं.

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Published by: Pritish Sahay

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