कैबिनेट ने सेमीकॉन 2.0, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और यूरिया नीति को दी मंजूरी : 2.19 लाख करोड़ होंगे खर्च

Union Minister Ashwini Vaishnaw : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2.19 लाख करोड़ रुपये के सात बड़े प्रोजेक्ट्स और नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें सेमीकॉन 2.0, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS), राष्ट्रीय निवेश नीति-यूरिया 2026, वाराणसी के एलिवेटेड कॉरिडोर और रेलवे की अहम परियोजनाएं शामिल हैं।

Union Minister Ashwini Vaishnaw : केंद्र सरकार ने बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 2.19 लाख करोड़ की सात बड़ी परियोजनाओं और नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इनमें सेमीकॉन 2.0, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS), राष्ट्रीय निवेश नीति-यूरिया 2026, वाराणसी के लिए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर और रेलवे की अहम परियोजनाएं शामिल हैं. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इन फैसलों की जानकारी दी.

काशी को मिले दो आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर

कैबिनेट ने वाराणसी में ट्रैफिक और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है. वरुणा नदी के किनारे 6/4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर पर 10,998 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि गंगा नदी के किनारे 6 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 14,448 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि इससे काशी में यातायात व्यवस्था और शहरी विकास को नई गति मिलेगी.

सेमीकॉन 2.0 और मोबाइल निर्माण को बड़ा बढ़ावा

भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने सेमीकॉन 2.0 के लिए ₹1,27,500 करोड़ की मंजूरी दी है। इसके साथ ही मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) के लिए ₹62,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से घरेलू विनिर्माण, निवेश, रोजगार और हाई-टेक उद्योगों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर

कैबिनेट ने राष्ट्रीय निवेश नीति-यूरिया 2026 को भी मंजूरी दी है. इस नीति का उद्देश्य भारत को यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और आयात पर निर्भरता कम करना है. हालांकि यह एक नीतिगत फैसला है और इसके लिए अलग से वित्तीय आवंटन घोषित नहीं किया गया है.

रेलवे परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी

रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सरकार ने पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण पर 2,542 करोड़ रुपये और डांगोआपोसी-राजखरसावां के बीच चौथी रेलवे लाइन के निर्माण पर 1,365 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. केंद्र सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से माल परिवहन क्षमता बढ़ेगी, उद्योगों को फायदा मिलेगा और देश के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी.

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By Satyendra Giri

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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