Cabinet: केंद्र सरकार ने जमालपुर-भागलपुर के बीच तीसरी रेल लाइन के निर्माण को दी मंजूरी

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चार अहम रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गयी. इस प्रोजेक्ट पर लगभग 12328 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. कैबिनेट की ओर से मंजूर किए गए रेल प्रोजेक्ट के तहत बिहार के भागलपुर से जमालपुर के बीच तीसरी रेल लाइन का विकास किया जाना है. इसके अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और असम में अहम रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गयी.

Cabinet: देश में सड़क और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई योजनाओं पर काम चल रहा है. सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कई अहम सड़क और रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. इस कड़ी में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चार अहम रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गयी. इस प्रोजेक्ट पर लगभग 12328 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. कैबिनेट की ओर से मंजूर किए गए रेल प्रोजेक्ट के तहत बिहार के भागलपुर से जमालपुर के बीच तीसरी रेल लाइन का विकास किया जाना है.

इसके अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और असम में अहम रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गयी है. सरकार का मानना है कि इन प्रोजेक्ट के पूरा होने से आने वाले समय में माल ढुलाई और यात्री सुविधा की स्थिति में काफी सुधार होगा. इससे इलाके में कनेक्टिविटी को बढ़ावा, यात्रा में लगने वाले समय में कमी, माल ढुलाई की कीमत में कमी के अलावा दूसरे देशों पर कच्चे तेल की निर्भरता में कमी आने की संभावना है. साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी काफी मदद मिलेगी. 

देश के दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी होगी बेहतर


सरकार का मानना है कि रेल परियोजनाओं को मंजूरी लेने से देश के दूरदराज इलाके जैसे गुजरात के कच्छ क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इस योजना से गुजरात में रेल नेटवर्क में 145 किलोमीटर की वृद्धि होगी और इसपर 2526 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. इस योजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना से गुजरात में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से नमक, सीमेंट, कोयला और अन्य उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी. सामरिक तौर पर इस योजना से रण ऑफ कच्छ तक कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी.

उसी तरह बिहार के जमालपुर और भागलपुर के बीच तीसरी रेल लाइन के निर्माण से इलाके में आर्थिक विकास की गति तेज होगी. इस क्षेत्र में 53 किलोमीटर लंबी तीसरी लाइन के निर्माण पर 1156 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. सभी प्रोजेक्ट को पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान योजना के तहत बनाया गया है. इसका मकसद इलाके में कनेक्टिविटी को बेहतर कर आर्थिक विकास के नये रास्ते खोलना है. रेलवे की चार योजना से गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम को फायदा होगा और रेलवे के नेटवर्क में 565 किलोमीटर का इजाफा होगा. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >