CAA लागू होने के बाद दिल्ली और असम में बढ़ाई गई सुरक्षा, जानें मुस्लिम नेताओं की प्रतिक्रिया

CAA: नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए)-2019 की अधिसूचना के बाद उत्तर पूर्व दिल्ली, शाहीन बाग, जामिया और दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में सोमवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई. अधिकारियों ने कहा कि कुछ हिस्सों में पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिल्ली के कुछ हिस्सों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है.

CAA: दिल्ली में वर्ष 2020 में सीएए और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी या रजिस्टर) को लेकर सांप्रदायिक दंगे हुए थे. उत्तर पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त जॉय तिर्की ने बताया, दिल्ली के उत्तर-पूर्व जिले के हर एक व्यक्ति की सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए उत्तर पूर्व जिले के पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों द्वारा गहन गश्त और जांच की जा रही है. अधिकारी ने कहा कि सभी से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया जाता है.

CAA : असम में सुरक्षा कड़ी की गयी

सीएए लागू किये जाने के बाद पूरे असम में सोमवार को अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ सुरक्षा कड़ी कर दी गई. अधिकारियों ने बताया कि सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है और गुवाहाटी सहित राज्य के लगभग सभी शहरों में प्रमुख मार्गों पर अवरोधक लगाए गए हैं. विपक्षी दलों द्वारा सीएए की अधिसूचना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा किये जाने के बाद संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है.

असदुद्दीन ओवैसी बोले- सीएए का कोई और मकसद नहीं, सिर्फ मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि सीएए का कोई और मकसद नहीं, सिर्फ मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना है. ओवैसी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, आप क्रोनोलॉजी समझिए. पहले चुनाव का मौसम आएगा, फिर सीएए के नियम आएंगे. सीएए पर हमारी आपत्तियां जस की तस बरकरार हैं. सीएए विभाजनकारी है और गोडसे की उस सोच पर आधारित है, जो मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाना चाहती है. उन्होंने कहा, सताए गए किसी भी व्यक्ति को शरण दी जाए, लेकिन नागरिकता धर्म या राष्ट्रीयता पर आधारित नहीं होनी चाहिए. सरकार को बताना चाहिए कि उसने इन नियमों को पांच साल तक क्यों लंबित रखा और अब इसे क्यों लागू कर रही है. एनपीआर-एनआरसी के साथ, सीएए का उद्देश्य केवल मुसलमानों को निशाना बनाना है, इसका कोई अन्य उद्देश्य नहीं है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सीएए लागू होने पर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की

सीएए अधिसूचना पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, हमें पता चला है कि यह अधिसूचना जारी की गई है और सभी समुदाय के सदस्यों से मेरी अपील है कि हम सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए और अपनी कानूनी समिति पूरी अधिसूचना का अध्ययन करेगी और फिर कोई बयान दिया जा सकता है.

मुख्यमंत्री विजयन बोले- केरल में लागू नहीं करेंगे सीएए

केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) को सांप्रदायिक आधार पर विभाजन पैदा करने वाला कानून करार देते हुए सोमवार को कहा कि इसे दक्षिणी राज्य में लागू नहीं किया जाएगा. विजयन ने यहां एक बयान में कहा, सरकार ने बार-बार कहा है कि सीएए केरल में लागू नहीं किया जाएगा, जो मुस्लिम अल्पसंख्यकों को दोयम दर्जे का नागरिक मानता है. यह रुख बरकरार है. सांप्रदायिक रूप से विभाजनकारी इस कानून के खिलाफ पूरा केरल एकजुट होगा.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

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