Bus Marshals Appointment: LG ने बस मार्शल की नियुक्ति पर सीएम को लिखा पत्र, सीडीवी की तैनाती को दी मंजूरी

Bus Marshals Appointment: दिल्ली में वायु प्रदूषण संकट से निपटने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बुधवार को चार महीने की अवधि के लिए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों (सीडीवी) की फिर से तैनाती को मंजूरी दे दी.

Bus Marshals Appointment: नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की तैनाती एक नवंबर 2024 से 28 फरवरी, 2025 तक के लिए होगी. उपराज्यपाल ने बस मार्शलों की नियुक्ति पर भी ठोस योजना तैयार करने का आग्रह किया.

उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री आतिशी से बस मार्शलों के लिए ठोस योजना बनाने का किया आग्रह

एलजी वीके सक्सेना ने दिल्ली सरकार से बस मार्शलों के लिए एक समर्पित योजना तैयार करने का आग्रह किया, जैसा कि उन्होंने 24 अक्टूबर व दो नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री को लिखे पत्रों में कहा था. बयान में कहा गया कि उपराज्यपाल ने एक ठोस योजना की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें बस मार्शलों की भूमिका, औचित्य और सेवा शर्तों को स्पष्ट किया गया हो. उपराज्यपाल ने सरकार को आधिकारिक पदों के सृजन और बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने का भी निर्देश दिया है.

AAP ने कहा मार्शलों के लिए नीति बनाने का अधिकार सिर्फ उपराज्यपाल को है

आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि दिल्ली सरकार नागरिक स्वयंसेवकों के लिए सभी आवश्यक बजटीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. AAP ने कहा, बस मार्शलों के लिए योजना बनाना सेवाओं के साथ-साथ कानून-व्यवस्था का विषय है, इसलिए उपराज्यपाल से अनुरोध है कि वे बस मार्शलों के लिए एक योजना बनाएं. पार्टी ने कहा कि वरिष्ठ नौकरशाहों ने दिल्ली सरकार को लिखित में दिया है कि बस मार्शलों के लिए नीति बनाने का अधिकार सिर्फ उपराज्यपाल को है.

नागरिक सुरक्षा निदेशालय की आपत्तियों के बाद हटाये गए थे बस मार्शल

नागरिक सुरक्षा निदेशालय की आपत्तियों के बाद 10000 से अधिक नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी. उन्हें पहले बस मार्शल के रूप में तैनात किया गया था. निदेशालय ने तर्क दिया था कि इन स्वयंसेवकों को शुरू में आपदा प्रबंधन की भूमिका के लिए नियुक्त किया गया था, न कि सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा के लिए. उपराज्यपाल ने पिछले वर्ष बस मार्शल के रूप में सीडीवी की तैनाती समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सिफारिश की थी कि वे होमगार्ड के 10,000 से अधिक स्वीकृत पदों पर इन स्वयंसेवकों का उपयोग करने पर विचार करें.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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