दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने से 7 की मौत, 30 छात्रों के दबे होने की आशंका! हाईकोर्ट ने PIL पर तत्काल सुनवाई को दी मंजूरी

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत ढहने से 7 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. मलबे में 30 छात्रों के दबे होने की आशंका है. दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की अनुमति दी है.

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत ढह गई. इस दर्दनाक घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी है. हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है. घटना को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिस पर अदालत ने सोमवार को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी.

मुख्य न्यायाधीश के समक्ष मामला

एक वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ के सामने मामले का उल्लेख किया. वकील ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया. पीठ ने अनुरोध स्वीकार करते हुए याचिका को दिन में ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी.

30 छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका

वकील ने अदालत को बताया कि दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को बेहद दुखद हादसा हुआ. उनके मुताबिक, दो इमारतें अचानक ढह गईं और पढ़ाई कर रहे या अपने कमरे में आराम कर रहे लगभग 30 छात्र मलबे में दब गए होंगे. हादसे की गंभीरता को देखते हुए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है.

मरम्मत के दौरान भरभराकर गिरी बहुमंजिला इमारत

सत्य निकेतन में दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास स्थित बहुमंजिला इमारत का इस्तेमाल लड़कों के पीजी (पेइंग गेस्ट) आवास के तौर पर किया जा रहा था. बताया गया है कि इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था. इसी दौरान रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे इमारत अचानक ढह गई और देखते ही देखते पूरा इलाका मलबे में तब्दील हो गया.

हादसे के बाद मचा हड़कंप, कई लोगों के घायल होने की खबर

इमारत गिरने की घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. चीख-पुकार और मलबे के बीच फंसी जिंदगियों को बचाने की जद्दोजहद ने लोगों को झकझोर दिया. मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान चलाया गया. हादसे में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस घटना ने राजधानी में इमारतों की सुरक्षा और मरम्मत कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

हाईकोर्ट में अब होगी हादसे की जवाबदेही पर सुनवाई

जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई की मंजूरी मिलने के बाद अब अदालत में इस हादसे से जुड़े सुरक्षा मानकों, प्रशासनिक निगरानी और जिम्मेदारी से जुड़े मुद्दे उठ सकते हैं. अदालत सुरक्षा मानकों में खामियों की जांच कर सकती है और जवाबदेही तय कर सकती है. सत्य निकेतन जैसे छात्र और पीजी आवास वाले इलाकों में इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

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