झारखंड की निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से फिर लगा झटका, 8 जनवरी तक रहेंगी जेल में

2000 बैच की तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद झारखंड सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था. जब उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया, उस वक्त पूजा सिंघल खनन विभाग की सचिव थीं.

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की निलंबित अधिकारी पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से फिर झटका लगा है. पूजा सिंघल को बृहस्पतिवार (14 दिसंबर) को भी जमानत नहीं मिली. उनकी जमानत याचिका पर अब 8 जनवरी 2024 को सुनवाई होगी. खूंटी जिले में महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) घोटाला से जुड़े मनी लाउंडरिंग केस में जेल में बंद पूजा सिंघल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका डाली थी. इसके पहले भी उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से जमानत देने की अपील की थी, लेकिन उनकी अपील को शीर्ष अदालत ने ठुकरा दिया था. 2000 बैच की तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद झारखंड सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था. जब उन्हें ईडी ने गिरफ्तार किया, उस वक्त पूजा सिंघल खनन विभाग की सचिव थीं. वर्तमान में वह राजधानी रांची के होटवार जेल में बंद हैं. पूजा सिंघल और उनके पति से जुड़े कई ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था. पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) सुमन कुमार के आवास से करीब 20 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए थे. इसके बाद आगे की जांच के बाद उन्हें ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था. बेटी के इलाज के लिए पूजा सिंघल को कोर्ट ने कुछ दिनों के लिए जमानत दी थी. बाद में उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया.

पूजा के पति अभिषेक झा हैं बेल पर

पूजा सिंघल से जुड़े मनी लाउंडरिंग केस में उनके पति अभिषेक झा एंटीसिपेटरी बेल पर हैं. पूजा सिंघल को कोर्ट से इस मामले में कोई बड़ी राहत नहीं मिली है. ईडी ने कोर्ट को बताया कि पूजा सिंघल से शादी करने के बाद अभिषेक झा की कमाई में कई गुणा इजाफा हुआ. केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि पूजा सिंघल ने भ्रष्टाचार के जरिए जो पैसे कमाए, वह सीधे उनके पति अभिषेक झा के अकाउंट में ट्रांसफर हुए. दूसरी तरफ, पूजा के पति अभिषेक का कहना है कि उनके अकाउंट में जो पैसे हैं, वह उनकी नौकरी से कमाए पैसे हैं.

Also Read: ईडी ने पूजा सिंघल की हेल्थ रिपोर्ट मांगी तो रिम्स ने की मेडिकल बोर्ड की बैठक, जांच एजेंसी को दी ये जानकारी

2011 में अभिषेक झा से हुई पूजा सिंघल की शादी

ज्ञात हो कि पूजा सिंघल की अभिषेक झा के साथ जून 2011 में शादी हुई थी. पूजा सिंघल फरवरी 2009 से जुलाई 2010 तक खूंटी जिले की डिप्टी कमिश्नर (उपायुक्त) थीं. उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि बड़े पैमाने पर सरकारी धन का गबन हुआ है. पीएमएलए (धन शोधन रोकथाम अधिनियम) के तहत कई स्तर पर अवैध तरीके से पैसे कमाने के आरोप पूजा सिंघल पर लगे. इतना ही नहीं, एजेंसी ने रांची, कोलकाता, चंडीगढ़, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मुजफ्फरपुर में पूजा सिंघल और उनके सहयोगियों से जुड़े ढाई दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की. इसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल इक्विपमेंट्स बरामद हुए. इसके साथ ही 19.76 करोड़ रुपए नकद भी ईडी ने जब्त किए थे.

Also Read: झारखंड की निलंबित IAS पूजा सिंघल से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा सवाल- निजता हनन का आरोप जमानत का आधार कैसे?

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >