भाजपा अध्यक्ष ने लगाया कांग्रेस पर आरोप, पीएम कोष से राजीव गांधी फांउडेशन को मिला था दान

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जब कांग्रेस-नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सत्ता में था तब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से एक ‘‘परिवार द्वारा संचालित'' राजीव गांधी फाउंडेशन को दान राशि मिली थी.

नयी दिल्ली : भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जब कांग्रेस-नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सत्ता में था तब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से एक ‘‘परिवार द्वारा संचालित” राजीव गांधी फाउंडेशन को दान राशि मिली थी.

नड्डा ने ट्वीट कर इसे ‘‘धोखाधड़ी” करार दिया और कहा कि ऐसा कर जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम किया गया . उन्होंने अपने आरोपों को बल देने के लिए कुछ दस्तावेज भी अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किए. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच गतिरोध को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है. इसके मद्देनजर नड्डा ने भी अब आक्रामक रवैया अपना लिया है.

उन्होंने कल ही एक डिजिटल रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस और गांधी परिवार पर सीधे आरोप लगाए थे. नड्डा ने अपने हमलावार रवैये को जारी रखते हुए कांग्रेस पर चीनी दूतावास से फाउंडेशन को बड़ी दान राशि मिलने का आरोप लगाया था. कांग्रेस ने हालांकि इन आरोपों को भाजपा की ‘‘चालाकी” और उसका ‘‘द्वेषपूर्ण खेल” करार दिया तथा कहा कि चीन ने सीमा पर कथित तौर पर जो हमारी जमीन पर कब्जा किया है, यह उससे जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है. नड्डा ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘पीएमएनआरएफ जोकि संकट की घड़ी में लोगों की मदद करने के लिए है, वह संप्रग कार्यकाल के दौरान राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसे दान कर रहा था.

पीएमएनआरएफ के बोर्ड में कौन बैठा था, सोनिया गांधी. राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्षता कौन करता है, सोनिया गांधी. यह पूरी तरह से निंदनीय है. नीति और प्रक्रियाओं के खिलाफ है. पारदर्शिता को ताक पर रख दिया गया.” उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई को ‘‘परिवार द्वारा संचालित” फाउंडेशन को दे देना सिर्फ ‘‘धोखाधड़ी” ही नहीं, बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंकना है.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘एक परिवार की धन की भूख ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है. काश कि उन्होंने अपनी ऊर्जा रचनात्मक कार्यों में लगाई होती. कांग्रेस के शाही राजवंश को निजी फायदे के लिए की गई लूट के लिए क्षमा मांगनी चाहिए.” नड्डा के आरोपों के कुछ ही देर बाद भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस मामले में सफाई मांगी.

उन्होंने कहा, ‘‘आज तो यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भ्रष्टाचार और षड्यंत्र कांग्रेस के पर्यायवाची हैं. कांग्रेस के पर्यायवाची के लिए भविष्य में लिखा जाएगा तो यही लिखा जाएगा कि भ्रष्टाचार माने कांग्रेस, षड्यंत्र माने कांग्रेस. यही सच्चाई है.” पात्रा ने कहा कि जिस प्रकार से रोज ‘‘मां-बेटे” के खुलासे हो रहे हैं, तुरंत सोनिया गांधी को संवाददाता सम्मेलन कर सफाई देनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘चीन के बारे में सेना के मनोबल को कमजोर करने के लिए तुरंत वह कागज लेकर आती हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस करने.

मुझे लगता है जब परिवार का खुलासा हो रहा है तो क्यों नहीं वह खुलासा करने आती हैं. क्यों नहीं आकर सफाई देती हैं.” पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को पूरी दुनिया से सफाई चाहिए लेकिन जब इतना बड़ा मामला उजागर किया गया है तो वह चुप क्यों है. उन्होंने कहा, ‘‘राजमाता हैं क्या, कि आप नहीं बोलेंगी. बाकी सब बोलेंगे और आप चुप रहेंगी. आप महारानी नहीं हैं मैडम. आपने भ्रष्टाचार की कहानी लिखी है. आपको सामने आकर सफाई देनी होगी.” भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी की नींव भ्रष्टाचार पर आधारित है.

कई फर्जी कंपिनयां बनाकर कांग्रेस पार्टी अपने ‘‘परिवार” को ‘‘अमीर” बनाने की कोशिश करती है. भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘गलवान घाटी, पैंगोंग सो और अब डेपसांग से लेकर वाई-जंक्शन तक वास्तविक नियंत्रण रेखा के 18 किलोमीटर भीतर चीन ने जो कब्जा किया है, उससे देश का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा और नड्डा चालाकी भरा द्वेषपूर्ण खेल कर रहे हैं और गलत जानकारी दे रहे हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा देश का बहुत नुकसान कर रहे हैं.

चीन से लड़ने और देश को बचाने की बजाय वे कांग्रेस से लड़ रहे हैं. वह भी देश की क्षेत्रीय अखंडता को ताक पर रखकर.” इससे पहले पात्रा ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में भी सोनिया गांधी, राजीव गांधी फाउंडेशन में भी सोनिया गांधी और जो प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष का जो ऑडिटर होता है, उसमें भी कांग्रेस. उन्होंने कहा, ‘‘यह सब हो रहा था और पकड़ में नहीं आ रहा था. क्योंकि जो कंपनी ऑडिट कर रही थी, उसका नाम था ठाकुर वैद्यनाथन अय्यर कंपनी और कांग्रेस नेता रामेश्वर ठाकुर इसके मुखिया थे.” उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जब से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष आरंभ हुआ तब से 2017-2018 तक रामेश्वर ठाकुर इसका ऑडिट कर रहे थे.

Posted By- Pankaj Kumar Pathak

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Published by: Prabhat Khabar

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