ड्रोन से मौत की डिलीवरी! बीकानेर बॉर्डर पर 10 किलो हेरोइन, 11 हथियार बरामद, पंजाब कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

बीकानेर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास पुलिस ने 50 करोड़ की हेरोइन और हथियारों की खेप के साथ एक ड्रोन तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. 'ऑपरेशन शॉकवेव' के तहत हुई इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.

राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पुलिस ने एक बड़े ड्रोन तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इसमें करोड़ों रुपये की हेरोइन और आधुनिक हथियारों की खेप बरामद की है. पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए 'ऑपरेशन शॉकवेव' के दौरान यह कार्रवाई की गई. पुलिस ने मौके से पाली निवासी वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया.

50 करोड़ की हेरोइन और हथियारों का जखीरा

पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा ने बताया कि ड्रोन के जरिए सीमा पार से कुल 10 किलो उच्च गुणवत्ता की अफगानी हेरोइन, 11 आधुनिक हथियार, 22 मैगजीन और करीब 100 राउंड कारतूस गिराए गए थे. शुरुआती जांच में बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है. अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की संख्या और गुणवत्ता इस बात का संकेत देती है कि किसी बड़ी आतंकी वारदात की तैयारी की जा रही थी.

यह पहला मामला नहीं है जब पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भारत में हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की कोशिश की गई हो। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में कई बार ड्रोन से हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन गिराने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन तस्करी नेटवर्क का इस्तेमाल नशे के कारोबार के साथ-साथ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी किया जाता है।

पंजाब कनेक्शन आया सामने

जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पंजाब से जुड़ा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य हैंडलर पहले फरीदकोट जेल में बंद था, जिसे बाद में बठिंडा जेल भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि बरामद खेप पंजाब में सप्लाई की जानी थी। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सीमा पार बैठे संचालकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

राजस्थान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां 15 अगस्त से पहले सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लगातार सीमा क्षेत्रों में विशेष अभियान चला रही हैं. पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवाहा ने कहा कि बरामद हथियारों और हेरोइन की मात्रा को देखते हुए यह स्पष्ट है कि समय रहते कार्रवाई कर एक घटना को टाल दिया गया. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और सीमा पार बैठे मास्टरमाइंड तक कैसे पहुंचा जाए.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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