High Court Chief Justice: बिहार-झारखंड सहित 5 हाई कोर्ट को मिलेंगे नये चीफ जस्टिस, 3 जजों का प्रोमोशन, देखें पूरी सूची

High Court Chief Justice: झारखंड-बिहार समेत पांच हाई कोर्ट को नये चीफ जस्टिस मिलने वाले हैं. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने सोमवार को कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी अंजारिया, गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विजय बिश्नोई और बंबई हाई कोर्ट के जस्टिस ए एस चंदुरकर को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की.

High Court Chief Justice: इन तीन न्यायाधीशों के अलावा, कॉलेजियम ने 5 हाई कोर्ट के न्यायाधीशों को मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुवाहाटी, पटना और झारखंड के हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में प्रोमोशन करने की भी सिफारिश की है.

देखें कौन कहां के चीफ जस्टिस होंगे

पटना हाई कोर्ट – पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली को इसी हाई कोर्ट का चीफ नियुक्त किया जाए.

झारखंड हाई कोर्ट – कॉलेजियम ने यह भी सिफारिश की है कि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान को झारखंड हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया जाए.

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट – कॉलेजियम ने सिफारिश की है कि न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया जाए, जो वर्तमान में इसी हाई कोर्ट के न्यायाधीश हैं.

कर्नाटक हाई कोर्ट – दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विभु बाखरू को कर्नाटक हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया जाए.

गुवाहाटी हाई कोर्ट – कॉलेजियम ने सिफारिश की है कि पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश आशुतोष कुमार को गुवाहाटी हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया जाए.

चीफ जस्टिस बी आर गवई की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने की सिफारिश

चीफ जस्टिस बी आर गवई की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने पूर्व चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति अभय एस ओका तथा न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय के सेवानिवृत्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के तीन मौजूदा रिक्त पदों के लिए नामों की सिफारिश करने का निर्णय लिया. न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी भी नौ जून को सेवानिवृत्त होंगी. सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 है, तथा वर्तमान में यह 31 न्यायाधीशों के साथ काम कर रहा है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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