enamul haque cattle smuggling: भारत-बांग्लादेश सीमा पर गायों की तस्करी का मास्टरमाइंड और भारत में जाली नोटों का कारोबार करने वाले मोहम्मद एमानुल हक (MD Enamul Haque) को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की हिरासत में भेज दिया गया है. शनिवार को दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने गौ तस्करी के सरगना (Cow Smuggling Kingpin) को 7 दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है. उस पर आरोप है कि वह पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश में गायों की तस्करी करता है. बताया जाता है कि वह बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता का करीबी है.
जांच अधिकारियों को धमकी देने का भी है आरोप
एमानुल हक पर जांच अधिकारियों को भी धमकाने के आरोप हैं. सीबीआई के वकील ने एक बार कोर्ट में कहा था कि वह अपने राजनीतिक संपर्कों का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश करते हुए जांच अधिकारियों को धमकाता है. गौतस्करी के मामलों की जांच कर रही एजेंसी ने कहा था कि जाली नोटों के कारोबार से भी उसके तार जुड़े हैं.
मवेशी तस्करी मामले में 2020 में दर्ज हुई प्राथमिकी
मवेशी तस्करी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एंटी करप्शन ब्रांच ने 21 सितंबर 2020 को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 36 बटालियन के कमांडेंट सतीश कुमार, एनामुल हक, मोहम्मद गुलाम मुस्तफा और एनारुल शेख को नामजद किया था. साथ ही अज्ञात सरकारी कर्मचारी और निजी लोगों को आरोपी बनाया और एक प्राथमिकी दर्ज की. एनामुल हक को 5 नवंबर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था.
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गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने दे दी थी जमानत
एनामुल हक की 5 नवंबर को हुई गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट से उसकी ट्रांजिट रिमांड मांगी गयी, लेकिन कोर्ट ने उसे सशर्त जमानत दे दी. इसके बाद मोहम्मद एनामुल हक कोरोना से संक्रमित हो गया और सीबीआई उससे पूछताछ नहीं कर पायी. 11 दिसंबर 2020 को एनामुल हक सीबीआई की कोर्ट में हाजिर हुआ. सीबीआई ने रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
डायरी में है काला कारोबार का कच्चा चिट्ठा
यहां बताना प्रासंगिक होगा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशी तस्करी के मुख्य आरोपी एनामुल के तार जाली नोटों के कारोबार से भी जुड़े हैं. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इसकी भी जांच कर रही है. इस मवेशी तस्कर की एक डायरी सीबीआई के हाथ लगी है, जिसमें उसके तमाम अवैध कारोबार का लेखा-जोखा है. एजेंसी ने इस डायरी को कोर्ट में भी पेश किया था.
Posted By: Mithilesh Jha
