भारत जोड़ो यात्रा: राहुल के भावुक भाषण ने लोगों की आंखो को किया नम, यहां पढ़ें उनका इमोशनल स्पीच

राहुल ने अपने भावुक भाषण में पिता की हत्या के बारे में चर्चा करते हुए कहा,' जब मैं अमेरिका में था तब मेरे एक दोस्त ने मुझे फोन किया. मैं टेलीफोन के पास पहुंचा उस दोस्त ने कहा कि राहुल तुम्हारे पापा की हत्या कर दी गई है.

जम्मू कश्मीर में भारी बर्फबारी के बीच आज यानी सोमवार को कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का समापन किया गया. इस मौके पर राहुल गांधी के इमोशनल भाषण ने सबको भावुक कर दिया. राहुल गांधी ने कहा, ‘ जब मैं 14 साल का था. स्कूल में था. स्कूल में मैं बहुत बदमाश था, भूगोल की कक्षा चल रही थी. इसी दौरान मेरे स्कूल के एक शिक्षक क्लास में आये और उन्होंने उठाया. उन्होंने कहा कि तुम्हारे घर से फोन आया है. रास्ते में उनके साथ जाते हुए जब मैने उनके चेहरे को देखा तब मैं समझ गया कि घर में कुछ बुरा हुआ है. टेलीफोन के पास जब मैं पहुंचा तो टेलीफोन पर मेरी मां और मेरे घर में काम करने की आवाज सुनाई दी. मेरे घर में काम करने वाली महिला ने कहा कि राहुल दादी को गोली मार दी गई है…राहुल दादी को गोली मार दी गई है…राहुल दादी को गोली मार दी गई है’.

राहुल ने अपने भावुक भाषण में पिता की हत्या के बारे में चर्चा करते हुए कहा,’ जब मैं अमेरिका में था तब मेरे एक दोस्त ने मुझे फोन किया. मैं टेलीफोन के पास पहुंचा उस दोस्त ने कहा कि राहुल तुम्हारे पापा की हत्या कर दी गई है. मैने टेलीफोन करने वाले उस दोस्त से कहा कि मैं यह जानता हूं, थैंक यू..’

इससे पहले राहुल गांधी ने अपने भावुक भाषण में कश्मीर से नेहरू खानदान के विस्थापन की चर्चा की. उन्होंने कहा कि कश्मीर से मेरे परिवार के लोग उतरे और फिर चढ़े. मेरे परिवार के लोग कश्मीर से उतरकर उत्तर प्रदेश गये, वहां उन्होंने अपनी कश्मीरियत को गंगा को सुपुर्द कर दिया और यहीं से गंगा जमुनी तहजीब की एक मिसाल पेश हुई. आज मैं कश्मीर आया हूं. मैं अपने घर आया हूं. मेरे पास अपना कोई घर नहीं है. अभी तक हमारा परिवार सरकारी मकान में रहता है घर और मकान में फर्क है. मकान में रहना घर नहीं कहलाता है.

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राहुल गांधी ने श्रीनगर में कहा कि कश्मीर आने से पहले मुझे आगाह किया गया था कि यहां मुझ पर हमला हो सकता है. लेकिन यहां लोगों ने मुझे हैंड ग्रेनेड नहीं दिया बल्कि दिल खोलकर प्यार दिया. उन्होंने कहा कि जब मैं कश्मीर में प्रवेश किया तब मुझे लगा कि जो मैं सफेद रंग का टीशर्ट पहने हुए हूं उसका रंग बदल जाएगा. मुझे ये लगा कि मेरा ये सफेद टी शर्ट लाल हो जाएगा. लेकिन कश्मीर की जनता ने मुझे ग्रेनेड नहीं, फूलों से स्वागत किया.  

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Author: Pritish Sahay

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