बेंगलुरु में तोड़फोड़, पुलिस फायरिंग में तीन की मौत- पढ़ें पूरी खबर

कांग्रेस विधायक के कथित रिश्तेदार द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए एक पोस्ट से नाराज होकर तोड़फोड़ और हिंसा पर उतारू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा गोली चलाने से तीन लोगों की मौत हो गई है. वहीं, राज्य सरकार ने इस पूरी हिंसा को ‘‘सुनियोजित'' बताया है.

बेंगलुरु : कांग्रेस विधायक के कथित रिश्तेदार द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए एक पोस्ट से नाराज होकर तोड़फोड़ और हिंसा पर उतारू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा गोली चलाने से तीन लोगों की मौत हो गई है. वहीं, राज्य सरकार ने इस पूरी हिंसा को ‘‘सुनियोजित” बताया है.

बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘(पुलिस के गोली चलाने से) तीन लोगों की मौत हुई है. ” पुलाकेशी नगर में हुए दंगों के सिलसिले में 110 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक ऑनलाइन पोस्ट के कारण मंगलवार रात को शुरू हुई हिंसा बुधवार तड़के तक चलती रही. इसमें करीब 50 पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. गुस्साई भीड़ ने पुलाकेशी नगर के विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के आवास और डीजे हाली थाने को निशाना बनाया. घटना के समय विधायक अपने घर पर नहीं थे.

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कहा जा रहा है कि उनके मकान को आग लगा दिया गया है. विधान सौध स्थित अपने कार्यालय में कांग्रेस विधायक से भेंट करने के बाद राजस्व मंत्री अशोक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जिस तरह से हिंसा भड़की है, उससे पता चलता है कि यह सुनियोजित थी और उनकी मंशा इसे शहर के अन्य हिस्सों में भी भड़काने की थी. ये लोग देशद्रोही हैं. ” मंत्री ने बताया कि विधायक का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, उसमें रखी साड़ियां, गहने सब लूट लिए गए और वाहनों सहित पूरे मकान को आग लगा दिया गया.

अशोक ने कहा, ‘‘जिस तरीके से तोड़फोड की गई है, उससे स्पष्ट है कि हमला करके श्रीनिवास मूर्ति की हत्या करने का लक्ष्य था. इसकी जांच होनी चाहिए कि कोई पार्षद या असामाजिक तत्व, राज्य या राज्य के बाहर का कोई व्यक्ति इस घटना से तो नहीं जुड़ा हुआ. ” पर्यटन मंत्री सी.टी. रवि ने कहा, ‘‘यह साफ और जाहिर है कि कल का हिंसक हमला मुस्लिम भीड़ ने पूर्वनियोजित तरीके से किया. ” गृहमंत्री बसवराज बोम्मई ने बताया कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की छह कंपनियों को को हिंसा प्रभावित बेंगलुरु भेजा गया है.

बेंगलुरु रवाना होने से पहले उडुपी में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हैदराबाद और चेन्नई से सीआरपीएफ की तीन-तीन कंपनियां डीजे हाली और केजी हाली थानाक्षेत्र में तैनात की जाएंगी. उन्होंने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और क्षेत्र में अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है. मंत्री ने बताया कि त्वरित कार्रवाई बल और ‘गरुड़’ बल को भी तैनात किया जा रहा है. इसबीच, राज्य सरकार ने बुधवार को हिंसा की जांच जिला मजिस्ट्रेट से कराने की घोषणा की है.

सरकार ने तय किया है कि हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को पहुंची क्षति की भरपाई दंगाई ये कराने का फैसला लिया है. पुलाकेशी नगर का दौरा करने के बाद भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे ने ट्वीट किया है, ‘‘पीएफआई-एसडीपीआई ने इस हिंसा का षड्यंत्र रचा, उन्होंने सिर्फ हिन्दू मकानों को निशाना बनाया और सार्वजनिक संपत्ति को आग लगायी. ”

उन्होंने लिखा है, ‘‘मैं इसकी निंदा करती हूं और मुख्यमंत्री से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती हूं. ” पंत ने बताया कि विधायक के तथाकथित भांजे नवीन, जिसने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाला था, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने कहा कि ‘‘विधायक के आवास और थाने पर हमला, दंगा निंदनीय है. अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दे चुका हूं, सरकार हिंसा को काबू करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. ” उन्होंने कहा कि पुलिस, मीडियाकर्मी और आम लोगों पर हमला अक्षम्य है.

सरकार ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगी. दंगाइयों ने पुलिस और निजी वाहनों को आग लगा दिया, विधायक मूर्ति और उनकी बहन के मकान को लूटा और क्षतिग्रस्त कर दिया. एटीएम को टुकड़ों में तोड़ दिया गया. आगजनी और तोड़फोड़ के बाद डीजी हाली किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं लग रहा था. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे और अंत में गोलियां चलायीं.

इसमें तीन लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में से एक की पहचान यासिन पाशा के रूप में हुई है. उसके पिता अफजल ने संवाददाताओं से कहा कि उनका बेटा ‘‘निर्दोंष था. ” उन्होंने कहा, ‘‘मेरा बेटा उस इलाके में मांस की दुकान चलाता था. वह रात का खाना खाने गया था, तभी पुलिस ने गोलियां चलायीं जिसमें वह मारा गया. वह निर्दोष था और किसी आगजनी में शामिल नहीं था. ”

इस बीच, डीजे हाली और केजी हाली के आसपास के सभी प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. रोते हुए विधायक मूर्ति ने कहा कि वह चाहते हैं कि सरकार उन्हें सुरक्षा दे और मामले की जांच सीबीआई या सीआईडी से करायी जाए. घटना से बेहद डरे हुए विधायक ने बताया, ‘‘जब 3,000 लोगों की भीड़ पेट्रोल बम, डंडे लेकर आयी, वाहनों को जला दिया और हमारा मकान क्षतिग्रस्त कर दिया, उस वक्त हम घर में नहीं थे. इस घटना के बाद मुझे सरकार से सुरक्षा की आवश्यकता है . ” विपक्षी कांग्रेस और जद(एस) ने शहर के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली में सरकार के प्रति पूर्ण समर्थन की बात कही है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की भी मांग की है.

Posted By – Pankaj Kumar Pathak

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Published by: Prabhat Khabar

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