शराब पीकर हुआ पेट में दर्द! पुणे में 24 घंटे के भीतर आठ लोगों की मौत

पुणे में 24 घंटे के भीतर आठ लोगों की मौत के बाद जहरीली शराब एंगल से जांच शुरू कर दी गई है. जानें पूरा मामला.

पुणे और आसपास के इलाकों में 24 घंटे के भीतर आठ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मेथनॉल मिली जहरीली शराब के पहलू से मामले की जांच शुरू कर दी है. पिंपरी-चिंचवड के फुगेवाडी इलाके और पुणे के हडपसर में गुरुवार को इन मौतों के संबंध में सूचनाएं मिलीं. आबकारी विभाग के अनुसार, इन इलाकों में देसी शराब की कथित तौर पर आपूर्ति करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और दापोडी थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

पिंपरी-चिंचवड पुलिस ने बताया कि गुरुवार को फुगेवाडी इलाके में पांच लोगों की मौत हुई. पुलिस ने शुरू में कहा था कि पांच में से चार मौतें शराब से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन अब सभी लोगों की मौत की जांच शुरू कर दी गई है. हडपसर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उनके क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हुई. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने पेट दर्द की शिकायत की थी. मौत का सटीक कारण पता लगाया जा रहा है और जहरीली शराब के पहलू की जांच की जा रही है.

राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कानडे ने न्यूज एजेंसी पीटीआई  को बताया कि फुगेवाडी में हुई मौतों के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है. कानडे ने कहा कि हमने योगेश वानखेडे को हिरासत में लिया है, जिसने फुगेवाडी और हडपसर दोनों जगह शराब की आपूर्ति की थी. उसे पिंपरी चिंचवड पुलिस को सौंप दिया गया है और कार्रवाई की जा रही है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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