डिब्रूगढ़ : असम का अरुणाचल, मिजोरम और नगालैंड के साथ सीमा विवाद जल्द ही खत्म होगा. असम ने तीनों राज्यों के साथ अलग-अलग बैठकें कर सीमा पर निगरानी और गश्त करने का फैसला किया है. जानकारी के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों के बीच अंतर-राज्यीय सीमा विवादों के बाद शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करने और सीमा पर यथास्थिति की बहाली को लेकर असम और अरुणाचल प्रदेश संयुक्त गश्त करने का फैसला किया है. असम के आसपास के राज्यों के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने को लेकर यह फैसला किया गया है.
असम और मिजोरम सीमा विवाद
मालूम हो कि दो दिन पहले ही असम ने तत्काल प्रभाव से एडवाइजरी लागू कर राज्य के लोगों को मिजोरम की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है. मालूम हो कि हाल ही में असम के तीन जिलों कछार, करीमगंज और हैलाकांडी में झड़पें हुई थीं. कछार जिले में 26 जुलाई को पुलिसकर्मियों के साथ-साथ नागरिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी हुई थी. इसमें छह पुलिसकर्मियों की जानें चली गयी थीं.
असम सरकार ने जारी की एडवाइजरी
असम सरकार ने कहा है कि घटना के बाद कुछ मिजो सिविल सोसाइटी, छात्र और युवा संगठन लगातार असम और उसके लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान दे रहे हैं. असम पुलिस के पास उपलब्ध वीडियो क्लिप से पता चला है कि कई नागरिक स्वचालित हथियारों से लैस हैं. इसलिए असम के लोगों की सुरक्षा को लेकर मिजोरम की यात्रा नहीं करने की सलाह दी जाती है. साथ ही मिजोरम में रह रहे प्रदेश वासियों से भी सावधानी बरतने की बात कही गयी है.
असम और अरुणाचल प्रदेश करेंगे संयुक्त गश्त
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, असम के डिब्रूगढ़ और अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले के लोगों, पुलिस अधिकारियों और वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की गयी है. बैठक में निर्णय किया कि अवैध व्यापार से निबटने के लिए दोनों प्रदेशों की पुलिस के साथ वन विभाग के कर्मियों द्वारा संयुक्त गश्त की जायेगी.
असम और नगालैंड के मुख्य सचिवों ने की वर्चुअल बैठक
असम और नगालैंड की सीमा पर देसोई घाटी आरक्षित वन को लेकर चल रहे गतिरोध को हल करने के लिए दोनों प्रदेशों के मुख्य सचिवों की शनिवार को वर्चुअल बैठक हुई. बैठक में निर्णय किया गया कि असम और नगालैंड सरकार देसोई घाटी आरक्षित वन में आओसेनडेन गांव के पास जनखाना नाला से अपनी सेना, हथियार और संरचनाएं (स्थायी और अर्ध-स्थायी) वापस ले लेंगे.
यूएवी के जरिये संयुक्त रूप से दोनों राज्य करेंगे सीमा की निगरानी
साथ ही संयुक्त रूप से यूएवी (मानव रहित हवाई वाहन) का उपयोग करके इलाके की निगरानी करेंगे. मालूम हो कि दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद के बाद दोनों राज्यों की सेनाओं के बच फायरिंग में असम के पांच पुलिसकर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गयी थी. बाद में घायल एक और पुलिसकर्मी ने भी दम तोड़ दिया था.
