असम में बाल विवाह पर एक्शन में सीएम, 4000 से ज्यादा केस दर्ज, संबंधित मामलों में अबतक 1,800 लोग गिरफ्तार

Assam: असम पुलिस ने बाल विवाह के खिलाफ व्यापक मुहिम के तहत अब तक 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यभर में शुक्रवार सुबह से मुहिम शुरू की गई और यह अगले 3 से 4 दिन तक जारी रहेगी.

Assam: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की पुलिस ने बाल विवाह के खिलाफ व्यापक मुहिम के तहत अब तक 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया हैं. मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों को बताया कि पूरे असम में शुक्रवार सुबह से मुहिम शुरू की गई और यह अगले 3 से 4 दिन तक जारी रहेगी.

बाल विवाह के 4,004 मामले दर्ज

असम मंत्रिमंडल ने 23 जनवरी को यह फैसला किया था कि बाल विवाह के दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा. साथ ही व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा. इस घोषणा के एक पखवाड़े से भी कम समय में पुलिस ने बाल विवाह के 4,004 मामले दर्ज किए हैं.

सीएम ने दी ये जानकारी

मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा ने कहा कि मुहिम जारी है और गिरफ्तारी के संदर्भ में शाम तक स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाएगी. साथ ही उन जिलों का भी पता चला जाएगा जहां ऐसे मामले हुए हैं. अब तक सबसे अधिक 136 गिरफ्तारियां धुबरी से हुई हैं, जहां सबसे अधिक 370 मामले दर्ज हुए हैं. इसके बाद बारपेटा में 110 और नागांव में 100 गिरफ्तारियां हुई हैं.

पॉस्को एक्ट के तहत दर्ज किया जाएगा मामला

14 साल से कम उम्र की लड़कियों से विवाह करने वालों के खिलाफ यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (POCSO Act) कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और 14-18 साल की लड़कियों से विवाह करने वालों के खिलाफ बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, 2006 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा और विवाह को अवैध घोषित किया जाएगा. अगर लड़के की उम्र भी 14 साल से कम होगी तो उसे सुधार गृह भेजा जाएगा क्योंकि नाबालिगों को अदालत में पेश नहीं किया जा सकता.

सीएम का ट्वीट

हिमंत विस्वा सरमा ने इससे पहले कहा था कि ऐसे विवाह में शामिल पुजारी, काजी और परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, असम सरकार राज्य में बाल विवाह को खत्म करने के अपने संकल्प के लिए दृढ़ है. असम पुलिस ने राज्य भर में अब तक 4,004 मामले (Child Marriage) दर्ज किए हैं और आगामी दिनों में पुलिस की और कार्रवाई होने की उम्मीद है. इन मामलों पर 3 फरवरी से कार्रवाई शुरू होगी. मैं सभी से सहयोग का अनुरोध करता हूं.


मुख्यमंत्री ने की डिजिटल बैठक की अध्यक्षता

सीएम हिमंत विस्वा ने राज्यव्यापी पुलिस कार्रवाई पर पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह की मौजूदगी में सभी पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ डिजिटल बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने लोगों से इस कुरीति से मुक्ति के लिए सहयोग एवं समर्थन की अपील की. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार, असम में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर सर्वाधिक है और बाल विवाह इसका प्रमुख कारण रहा है. राज्य में दर्ज विवाह में से 31 प्रतिशत मामले निषिद्ध आयुवर्ग के हैं.

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लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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