Assam News: कुछ लोगों ने निष्कासन नहीं होगा, कह कर तीन महीने के अंदर वसूले 28 लाख रुपये- CM हिमंत बिस्वा सरमा

Assam News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कुछ लोगों ने निष्कासन नहीं होगा, कह कर तीन महीने के अंदर 28 लाख रुपये इकट्ठा किए हैं. यह जानकारी खुफिया रिपोर्ट से सामने आई है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 25, 2021 4:47 PM

Assam News: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Assam CM Himanta Biswa Sarma) ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार के पास एक खुफिया रिपोर्ट है कि कुछ लोगों ने यह कहते हुए पिछले 3 महीनों के दौरान 28 लाख रुपये एकत्र किए, कि राज्य से कोई बेदखली नहीं होगी. जब वे बेदखली का विरोध नहीं कर सके, तो उन्होंने जनता को लामबंद किया और उस दिन कहर ढाया.


हमारे पास 6 लोगों के नाम

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हमारे पास 6 लोगों के नाम हैं. घटना के दिन से पहले, पीएफआई ने बेदखल परिवारों को खाद्य सामग्री ले जाने के नाम पर साइट का दौरा किया. कई सबूत अब सामने आ रहे हैं, जिसमें एक व्याख्याता सहित कुछ लोग शामिल हैं.


Also Read: असम-मिजोरम सीमा हिंसा मामले में CM हिमंत बिस्वा सरमा पर FIR, एक दूसरे के अधिकारियों को किया तलब

हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सहमति के अनुसार निष्कासन किया गया. मैंने उन्हें बेदखली के बारे में बताया था. यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई विरोध न हो, जिसका उन्होंने वादा किया था. मैंने कांग्रेस को भी यही समझाया. वे मेरी बात से सहमत थे और निर्णय की सराहना करते थे. उन्होंने अगले दिन तबाही मचा दी.

Also Read: Assam Clash Viral Video : प्रदर्शनकारी के शव के साथ बर्बरता का वीडियो वायरल, कैमरामैन गिरफ्तार
10 हजार लोगों को लेकर कौन आया

दरांग में हुई हिंसा पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 60 परिवारों का हटाने का काम था, लेकिन 10,000 लोग आए. कौन लेकर आया, इतने लोगों को? पुलिस पर हमला क्यों किया? इन सब में PFI का नाम आ रहा, लेकिन मैं इसपर कुछ नहीं कहूंगा. न्यायिक प्रमाण में देखेंगे कि PFI शामिल था या नहीं.

बता दें, पिछले गुरुवार को दारांग में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें नौ पुलिसकर्मी और दो नागरिक घायल हुए थे. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने गोलियां भी चलाईं. हालांकि हिमंत बिस्वा सरमा ने इस घटना का सांप्रदायिक पहलू होने से इनकार किया.

राज्य सरकार ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा घटना की न्यायिक जांच की घोषणा की है. हालांकि अभी उनके नाम की घोषणा बाकी है. इस बीच, सरमा ने कहा है कि बेदखली अभियान को रोका नहीं जाएगा. दरांग जिला प्रशासन ने सोमवार से अब तक 800 परिवारों को बेदखल कर दिया है. सिपाझार में चार अवैध रूप से निर्मित धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है.

Also Read: भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए खतरा बनने वालों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, बोले राजनाथ सिंह

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्ष और राज्य के अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधियों पर तबाही मचाने का आरोप लगाया. सरमा ने कहा कि बीस हजार लोगों ने 27 पुलिसकर्मियों का घेराव किया. इसमें दो-तीन घायल पुलिसकर्मी मुसलमान भी हैं तो यह सांप्रदायिक कैसे हुआ? राष्ट्रीय मीडिया इसे सांप्रदायिक रंग क्यों दे रहा है?.

Posted By: Achyut Kumar

Next Article

Exit mobile version