तीन बार CM रहे केजरीवाल SIR नोटिस? क्या वोटर लिस्ट से कट गया नाम, समझें पूरा मामला

Kejriwal SIR Notice: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बीच अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार को मिले नोटिस ने नया सवाल खड़ा कर दिया है. मामला सिर्फ एक नेता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि Unmapped श्रेणी क्या है और ड्राफ्ट सूची से नाम गायब होने का मतलब क्या है.

Kejriwal SIR Notice: दिल्ली में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के चार सदस्यों को नोटिस जारी किया गया है. नोटिस Unmapped with Last SIR श्रेणी में दिया गया है. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से सवाल उठाए हैं कि तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके केजरीवाल और उनके परिवार के नाम मतदाता सूची में कैसे नहीं दिख रहे.

केजरीवाल परिवार के किन लोगों को मिला नोटिस?

दिल्ली निर्वाचन आयोग की जानकारी के मुताबिक नोटिस अरविंद केजरीवाल के साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और माता-पिता गोविंद राम केजरीवाल और गीता देवी को जारी किया गया है. ये पांचों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के पार्ट-51, केजी मार्ग के उन 110 मतदाताओं में शामिल हैं जिन्हें Unmapped with Last SIR श्रेणी में नोटिस मिला है. अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र-40 के पंजीकृत मतदाता हैं.

Unmapped with Last SIR का क्या मतलब है?

नोटिस में केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को Unmapped with Last SIR श्रेणी में रखा गया है. इसका मतलब है कि मौजूदा SIR प्रक्रिया के दौरान उनकी जानकारी पिछली SIR मतदाता सूची के रिकॉर्ड से मैप नहीं हो सकी और इस वजह से सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है.

क्या वोटर लिस्ट से नाम कट गया है?

यही इस मामले का सबसे अहम सवाल है. नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी यानी ERO पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं होना अपने-आप यह साबित नहीं करता कि वह मतदान के लिए अयोग्य हो गया है. ERO के मुताबिक ड्राफ्ट सूची में नाम शामिल न होना अंतिम फैसला नहीं है. हर मामले को पात्रता, सत्यापन, दस्तावेज और तय प्रक्रिया के आधार पर देखा जाता है.

नाम नहीं है तो आगे क्या प्रक्रिया है?

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुई थी. जिन पात्र मतदाताओं का नाम इसमें नहीं है, वे दावा पेश कर सकते हैं. ERO के मुताबिक ऐसे मतदाता फॉर्म 6 के साथ जरूरी घोषणा और दस्तावेज जमा कर नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं. इसके लिए दावा और आपत्ति की अवधि 31 अगस्त से 30 सितंबर तक रखी गई है.

AAP ने चुनाव आयोग से क्या पूछा?

नोटिस की जानकारी सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चुनाव आयोग से सवाल किया. पार्टी ने पूछा कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दिल्ली की मतदाता सूची में कैसे नहीं दिखाई दे रहे हैं. यह AAP की ओर से उठाया गया राजनीतिक सवाल है.

पहले भी SIR पर आया था स्पष्टीकरण

इस मामले से पहले 17 सितंबर को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के ERO ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण जारी किया था. रिपोर्ट में नई दिल्ली सीट की ड्राफ्ट मतदाता सूची से कई नाम गायब होने पर सवाल उठाए गए थे. ERO ने कहा था कि SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो. बूथ स्तर के अधिकारियों ने घर-घर जाकर गणना फॉर्म बांटने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की थी.

ड्राफ्ट सूची से 47 लाख से ज्यादा नाम बाहर

दिल्ली में SIR के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में पहले की सूची के मुकाबले 47 लाख से ज्यादा नाम शामिल नहीं थे. हालांकि चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि ड्राफ्ट सूची अंतिम मतदाता सूची नहीं है और पात्र लोग तय अवधि में नाम जोड़ने के लिए दावा कर सकते हैं. यानी अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार को मिला नोटिस सत्यापन प्रक्रिया का हिस्सा है. केवल नोटिस मिलने या ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं दिखने से यह तय नहीं किया जा सकता कि उनका नाम अंतिम रूप से मतदाता सूची से हटा दिया गया है.

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By प्रीतीश सहाय

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