Arvind Kejriwal Met Sonam Wangchuk: प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.
सोनम वांगचुक को बनाया जाए शिक्षा मंत्री : केजरीवाल
सोनम वांगचुक की तारीफ करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि देश के करोड़ों बच्चों और युवाओं के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं. केजरीवाल ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री और देश के 140 करोड़ नागरिकों से अपील करता हूं कि सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए." उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा, "मुझे पता है कि प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें डर होगा कि वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी कदम उठा सकते हैं. लेकिन मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह अपना अड़ियल रवैया छोड़े और युवाओं व वांगचुक की चिंताओं को दूर करे."
अहंकार में डूबी है सरकार : केजरीवाल
केजरीवाल ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, "देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं. परीक्षाओं में गड़बड़ियां और मूल्यांकन प्रक्रिया में भारी कमियां हैं. जब NEET का पेपर लीक हुआ, तो निराशा में आकर 20 छात्रों ने आत्महत्या कर ली. इसके बावजूद सरकार ने युवाओं को भरोसा दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. NEET के बाद भी कई पेपर लीक हुए और CBSE की मूल्यांकन प्रणाली में भी गड़बड़ियां सामने आईं, लेकिन जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. ऐसा लगता है कि सरकार पूरी तरह अहंकार में डूबी हुई है."
2011 के आंदोलन की दिलाई याद
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए केजरीवाल ने कहा, "आज जंतर-मंतर आकर मुझे 4 अप्रैल 2011 का वह दिन याद आ गया, जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान मैं अन्ना हजारे के साथ इसी जगह बैठा था. उस समय की सरकार ने भी जनता की आवाज को अनसुना कर दिया था और जवाबदेही पर अहंकार को हावी होने दिया था. नतीजा यह हुआ कि तीन साल बाद वह सरकार सत्ता से बाहर हो गई." उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इतिहास खुद को दोहराता है. अगर मौजूदा सरकार ने युवाओं और छात्रों की आवाज नहीं सुनी, तो आज से ठीक तीन साल बाद यानी 2029 में देश के युवा इस सरकार को भी सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देंगे.
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