अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों का समर्थन करता हूं और सरकार से उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करने की अपील करता हूं. छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग पूरी तरह से अस्वीकार्य है.’’
क्यों आंदोलन कर रहे हैं छात्र?
झारखंड में छात्र 25 जुलाई से जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में सुधार और कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सोमवार (10 अगस्त) को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर मार्च किया. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने पानी की बौछारें कीं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इसके बाद छात्रों का विरोध और तेज हो गया.
पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने बुलाया बंद
झारखंड में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के बंद का मंगलवार (11 अगस्त) को राज्य के कई हिस्सों में असर दिखा. ज्यादातर स्कूल और दुकानें बंद रहीं, जबकि रांची समेत कई शहरों में सड़कों पर वाहन कम नजर आए. पुलिस के अनुसार, रांची के किशोरगंज, अरगोड़ा और कांके इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर दिया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हरमू चौक और किशोरगंज चौक पर कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध किया. बंद के कारण कई जगहों पर लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा.
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झारखंड भाजपा के अध्यक्ष आदित्य साहू ने बताया कि सोमवार को रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बंद बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पानी की बौछारें कीं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इसके विरोध में मंगलवार को सुबह 8 बजे से आधी रात तक बंद रहेगा. हालांकि, अस्पताल, एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है.
