ANDROTH: चीन-पाकिस्तान के उड़ जाएंगे होश, समुद्र में बढ़ेगा भारत का दबदबा, आन्द्रोत आज होगा नौसेना में शामिल

ANDROTH: भारत की सामरिक ताकत अब और मजबूत होने वाली है. भारत की समुद्र में जमती धाक को देखकर चीन और पाकिस्तान के सिर पर बल पड़ सकता है. आज भारतीय नौसेना में ASW-SWC श्रृंखला का युद्धपोत आंद्रोत शामिल हो रहा है. इसमें आधुनिक संचार प्रणाली लगी हुई है. यह समुद्र में पानी के नीचे मौजूद खतरों का सटीक पता लगाकर उसे बड़ी आसानी से नष्ट कर सकता है. यह पानी के अंदर के खतरों का प्रभावी ढंग से पता लगा सकता है.

ANDROTH: चीन के उड़ जाएंगे होश… कांपने लगेगा पाकिस्तान… भारतीय नौसेना आन्द्रोत के नाम से ही छूट जाएंगे दुश्मनों के पसीने. जी हां, समुद्र में भारतीय नौसेना की ताकत एक झटके में कई गुना बढ़ने वाली है. आज यानी सोमवार (6 अक्टूबर) को भारतीय नौसेना में ASW-SWC श्रृंखला का युद्धपोत ‘आंद्रोत’ शामिल हो रहा है. विशाखापत्तनम में एक समारोह के दौरान ‘आन्द्रोत’ को नौसेना में शामिल किया जायेगा. नौसेना ने अपने बयान में कहा ‘आंद्रोत का नौसेना में शामिल होना भारतीय नौसेना की क्षमता में इजाफा और स्वदेशीकरण की दिशा में निरंतर प्रगति के लिए मील का पत्थर है. यह कदम उस व्यापक विकास का हिस्सा है, जिसके तहत हाल के महीनों में कई अत्याधुनिक युद्धपोत नौसेना के बेड़े में शामिल किए गए हैं.’

स्वदेशी तकनीक से बना है आंद्रोत

आन्द्रोत को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) की ओर से बनाया गया है. इसके निर्माण में 80 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. नौसेना ने कहा कि इस जहाज को अत्याधुनिक तकनीकों और स्वदेशी उपकरणों से बनाया गया है. यह स्वदेशी क्षमता बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शा रहा है. नौसेना ने एक बयान में कहा कि ‘यह कदम नौसेना के स्वदेशीकरण, नवाचार और क्षमता संवर्धन पर निरंतर ध्यान को दर्शाता है. इसके साथ ही यह भारत की समुद्री सुरक्षा संरचना को सशक्त बनाने में जीआरएसई की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करता है.’

समुद्र में बढ़ रहा है भारत का दबदबा

समुद्र में भारत का दबदबा लगातार बढ़ रहा है. आज इसमें एक और कड़ी जुड़ने वाली है. आन्द्रोत के नौसेना में शामिल होने से भारत की सामरिक ताकत कई गुना बढ़ जाएगा. हिंद महासागर में भारतीय नौसेना के सामने चीन सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे में भारतीय नौसेना अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रहा है. चीन के ताकत को कमतर करने और समुद्र में अपना दबदबा बनाने के लिए नौसेना रणनीति बनाने और ताकत को बढ़ाने में जुटी हुई है. ऐसे में आन्द्रोत के शामिल होने से नौसेना की ताकत काफी बढ़ेगी.

टॉरपीडो और रॉकेट से लैस है ​आन्द्रोत

आन्द्रोत करीब 77 मीटर लंबा जहाज है. ये जहाज डीजल इंजन-वॉटरजेट संयोजन से संचालित होता है. आन्द्रोत अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो और स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्ध रॉकेटों से लैस हैं. पीआईबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आन्द्रोत पोत उन्नत हथियार और सेंसर से लैस है. इसमें आधुनिक संचार प्रणाली लगी हुई है. यह समुद्र में पानी के नीचे मौजूद खतरों का सटीक पता लगाकर उसे बड़ी आसानी से नष्ट कर सकता है. यह पानी के अंदर के खतरों का प्रभावी ढंग से पता लगा सकता है.

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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