Amit Shah: अमित शाह ने एनडीए की तीसरी सरकार में मंत्री के तौर पर ली शपथ, रह चुके हैं देश के गृह मंत्री

Amit Shah: अमित शाह सक्रिय राजनीति में आने से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य भी रहे हैं. अमित शाह 1983 में आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीबी) के नेता बने. इसके बाद वे 1984 में भाजपा में शामिल हुए.

Amit Shah : गुजरात के गांधी नगर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से प्रचंड 6,37,104 मतों से जीत हासिल करने वाले पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है. केंद्रीय मंत्री बनने से पहले अमित शाह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे. गांधीनगर से चुनाव जीतने वाले शाह को कुल 8,42,590 वोट मिले हैं. उन्होंने कांग्रेस की सोनल रमणभाई पटेल को 2,05,486 वोट से हराया. मजे की बात यह है कि इस सीट पर नोटा को भी करीब 17,792 वोट मिला है.

शुरुआती जीवन

भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले वर्तमान में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व गृह मंत्री अमित शाह का जन्म 22 अक्तूबर 1964 को मुंबई में रह रहे एक गुजराती परिवार में कुसुम बेन और अनिलचंद्र शाह के घर हुआ. जब वह 14 साल के थे, तब वह आरएसएस में शामिल हो गए थे. अमित शाह 2019 से 31वें गृह मंत्री और 2021 से भारत के पहले सहकारिता मंत्री के रूप में कार्यरत हैं. शाह शुरुआती दौर से ही राजनीति में रुचि रखते थे.

आरएसएस और एबीवीपी के सदस्य रह चुके हैं अमित शाह

अमित शाह सक्रिय राजनीति में आने से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य भी रहे हैं. अमित शाह 1983 में आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीबी) के नेता बने. इसके बाद वे 1984 में भाजपा में शामिल हुए. तीन साल बाद 1987 में अमित शाह भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के कार्यकर्ता बने. पार्टी के सक्रिय कार्यकर्त्ता रहते हुए उन्होंने 1991 में लोकसभा चुनाव के दौरान गांधीनगर में लाल कृष्ण आडवाणी के लिए प्रचार किया. गुजरात की राजनीति में आगे कदम बढ़ाते हुए अमित शाह ने 1995 में गुजरात के सरखेज निर्वाचन क्षेत्र से विधायक भी चुने गए और उसी निर्वाचन क्षेत्र से 4 बार और विधायक बने.

और पढ़ें: Bull and Bear: निवेशकों को मालामाल बनाता है सांड और भालू कंगाल, ऐसे समझे माजरा

2014 में बने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

इसके बाद अमित शाह ने 2012 के विधानसभा चुनाव में नारनपुरा सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के डॉ. जीतूभाई बी. पटेल को हराया. वे 60,000 से अधिक मतों से जीते. फिर अमित शाह ने भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव का पद संभाला और 2014 में भाजपा के अध्यक्ष बने. बता दें की अमित शाह अगस्त 2017 में गुजरात से राज्यसभा के लिए चुने गए. देश के पिछले आम चुनाव (2019) में अमित शाह ने गांधीनगर लोकसभा सीट पर 5 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की, जिसने लालकृष्ण आडवाणी के 4.83 लाख मतों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. 2019 से अमित शाह नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में गृह मंत्री हैं.

और पढ़ें: शाकाहारी थाली से छिटक गए प्याज-टमाटर, मुर्गे की जान पर आफत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >