सर्वदलीय बैठक में बोली सरकार, पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी नहीं, होर्मुज से जल्द निकलेंगे और जहाज

All Party Meeting: मिडिल ईस्ट की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया. सरकार ने बताया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है. कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार देश में है. होर्मुज के रास्ते लगातार जहाज भारत आ रहे हैं.

All Party Meeting: संसद के मौजूदा बजट सत्र के बीच बुधवार को मिडिल ईस्ट की स्थिति और उसके भारत पर संभावित प्रभाव को लेकर सर्वदलीय बैठक हुई. बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पर चर्चा हुई. बैठक में सरकार ने विपक्षी दलों से कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार होने के साथ-साथ और शिप होर्मुज से आ रहीं हैं. सरकार की प्राथमिकता प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना है.

राजनाथ सिंह ने की बैठक की अध्यक्षता

बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर, मुकुल वासनिक सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. सर्वदलीय बैठक में सरकार ने बताया कि सरकार पूरी तरह सजग है और मजबूती से काम कर रही है, ताकि नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो. विपक्षी दलों ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और उसके भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद सर्वदलीय बैठक की मांग की थी.

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा- सफल रही सर्वदलीय बैठक

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्ष के नेताओं के साथ चर्चा की. पश्चिम एशिया में जारी संकट की जानकारी शेयर की. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की स्थिति से भारत पर प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा के लिए सरकार ने जो कदम उठाये हैं, उन पर विपक्ष ने सवाल किये. सरकार ने सभी सवालों के संतोषजनक जवाब दिये. मंत्री ने बताया कि बैठक में विपक्ष ने कहा है कि संकट की घड़ी में वे एकजुट होकर सरकार का साथ देंगे.

टीएमसी ने बनायी दूरी, राहुल गांधी भी नहीं हुए शामिल

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सर्वदलीय बैठक से दूरी बनाये रखी और इसमें हिस्सा नहीं लिया. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी बैठक में मौजूद नहीं रहे. उन्होंने बैठक से एक दिन पहले (24 मार्च) के ही साफ कर दिया था कि केरल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम की वजह से वह बैठक में शामिल नहीं हो पायेंगे.

राज्यसभा में पीएम मोदी ने दिया था ये बयान

इससे पहले मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई के चलते जो स्थिति बनी है, उससे निपटने के लिए सात नये अधिकारसंपन्न समूहों का गठन किया गया है. ये समूह एलपीजी, जरूरी सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति सहित अन्य मामलों को देखेंगे और सुझाव देंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को बताया था कि मिडिल ईस्ट की जंग को चार सप्ताह होने जा रहे हैं. इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को गंभीर रूप से बढ़ा दिया है. इससे पहले उन्होंने सोमवार को लोकसभा में भी कहा था कि संघर्ष से उत्पन्न संकट का प्रभाव लंबी अवधि तक रह सकता है. लेकिन, सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

गैस और फ्यूल लदे जहाज भारत पहुंच रहे हैं भारत

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारतीय जहाजों का देश में आना जारी है. दो एलपीजी टैंकर, पाइन गैस और जग वसंत, सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं. पाइन गैस में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदा है. यह 27 मार्च की सुबह न्यू मैंगलोर पोर्ट पर पहुंच सकता है. जग वसंत करीब 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 26 मार्च को कांडला पोर्ट पर पहुंच सकता है. इससे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी भी एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से भारतीय तट पर पहुंच चुका है. भारतीय तेल टैंकर जग लाडकी और जग प्रकाश ने भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लिया था. इन जहाजों के भारत पहुंचने के बाद फारस की खाड़ी के पश्चिमी तट पर भारतीय झंडे वाले जहाजों की संख्या 20 रह गई है.

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By Pritish Sahay

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