Maharashtra Politics: शिंदे की ताकत बढ़ी, उद्धव गुट के 6 सांसद आज बदल सकते हैं पाला

Maharashtra Politics : शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसद (22 जून) सोमवार को एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय कर सकते हैं. इससे शिंदे गुट को दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत मिल जाएगा.

Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. उद्धव ठाकरे को बड़ा राजनीतिक झटका लगने की संभावना है. इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से खबर दी हे कि शिवसेना (यूबीटी) के सभी छह बागी लोकसभा सांसद सोमवार को दोपहर 3 बजे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. इन छह सांसदों के औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय होने की संभावना है. ऐसा होने पर शिंदे गुट को दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए जरूरी दो-तिहाई संख्या बल मिल जाएगा, जिससे उसकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है.

‘ऑपरेशन टाइगर’ से मची राजनीतिक हलचल के बीच शिवसेना (यूबीटी) ने सोमवार को अपने सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की अहम बैठक बुलाई है. यह बैठक दोपहर 2:30 बजे मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित पार्टी कार्यालय ‘शिवालय’ में आयोजित होगी. यह बैठक महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित हो रही है और इसे उद्धव ठाकरे द्वारा पार्टी में संभावित टूट-फूट को रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

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लोकसभा के कुछ सांसदों की बगावत के बाद पैदा हुए हालात के बीच उद्धव ठाकरे सभी विधायकों को संबोधित कर सकते हैं.

इन दो सांसदों ने शिंदे गुट में शामिल होने की पुष्टि की

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब बागी सांसद नागेश पाटिल अष्टीकर और ओमप्रकाश राजे निम्बालकर ने रविवार (21 जून) को सार्वजनिक रूप से एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के अपने फैसले की पुष्टि कर दी. इसके बाद शिवसेना (यूबीटी) में और टूट की अटकलें तेज हो गई हैं.

कौन-कौन से सांसद नहीं पहुंचे थे बैठक में

17 जून को दिल्ली में आयोजित शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं होने वाले छह सांसदों में संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-अष्टीकर और ओमप्रकाश राजे निम्बालकर शामिल हैं. वर्तमान में लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के नौ सांसद हैं और दल-बदल कानून के तहत दो-तिहाई संख्या बल हासिल करने के लिए बागी गुट को कम से कम छह सांसदों के समर्थन की जरूरत है. 

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Published by: Amitabh Kumar

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